
उदित वाणी, जमशेदपुर: जमशेदपुर को स्वच्छता के शिखर पर पहुँचाने के उद्देश्य से जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति (JNAC) ने अपनी तैयारियाँ तेज कर दी हैं. आगामी स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 के मद्देनज़र आज उप नगर आयुक्त की अध्यक्षता में थोक अपशिष्ट उत्पादकों (Bulk Waste Generators) और जमशेदपुर होटल एवं रेस्टोरेंट एसोसिएशन के प्रतिनिधियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई.
गीले कचरे का परिसर में ही होगा निस्तारण
बैठक में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2016 के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर देते हुए उप नगर आयुक्त ने सभी थोक अपशिष्ट उत्पादकों को कड़े निर्देश दिए. उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी बड़े संस्थानों, होटलों और रेस्टोरेंट्स को अपने परिसर में ही गीले कचरे के निस्तारण की व्यवस्था करनी होगी. इसके लिए संस्थानों को बायोगैस प्लांट अथवा कम्पोस्टिंग प्रणाली स्थापित करने के लिए कहा गया है, ताकि कचरे का वैज्ञानिक एवं पर्यावरण अनुकूल प्रबंधन स्रोत पर ही किया जा सके.
अनिवार्य हुआ ‘फोर-बिन सिस्टम’ (Four-Bin System)
शहर की स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए सभी प्रतिष्ठानों को चार डिब्बों वाली प्रणाली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया. इस व्यवस्था के तहत कचरे को चार श्रेणियों में अलग-अलग करना अनिवार्य होगा:
- गीला कचरा
- सूखा कचरा
- घरेलू खतरनाक कचरा
- सैनिटरी कचरा
टाटा स्टील UISL और JNAC की संयुक्त समीक्षा
बैठक में Tata Steel UISL के जनरल मैनेजर भी उपस्थित रहे. संयुक्त रूप से शहर की वर्तमान कचरा प्रबंधन व्यवस्था की समीक्षा की गई. उप नगर आयुक्त ने कहा कि होटलों और रेस्टोरेंट्स की भूमिका शहर की रैंकिंग सुधारने में महत्वपूर्ण है. उन्होंने सभी संस्थानों से नियमों का पालन करने की अपील की और चेतावनी दी कि नियमों की अनदेखी करने वाले संस्थानों पर निरंतर निगरानी रखी जाएगी.

