
उदित वाणी , रांची: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में 15 अप्रैल 2026 को आयोजित मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक में परिवहन विभाग के कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई. सरकार ने व्यावसायिक उपयोग में आने वाले दोपहिया वाहनों समेत अन्य श्रेणियों के वाहनों पर नए टैक्स लागू किए हैं.
दोपहिया वाहनों का होगा व्यावसायिक निबंधन
अब व्यावसायिक रूप से उपयोग होने वाले दोपहिया वाहनों (जैसे जोमैटो, स्विगी और रैपिडो जैसे गिग वर्कर्स) का व्यावसायिक निबंधन कराना अनिवार्य होगा.
• टैक्स की दर: इन वाहनों के एक्स-शोरूम प्राइस का 7 फीसदी टैक्स देना होगा, जो 12 वर्षों के लिए मान्य होगा.
• अतिरिक्त अवधि: 12 साल के बाद अगले 5 वर्षों के लिए कुल टैक्स का 40 फीसदी भुगतान करना होगा.
चार पहिया और भारी वाहनों पर बढ़ा बोझ
सरकार ने विलासिता और निर्माण कार्यों में लगे वाहनों पर भी टैक्स की दरें संशोधित की हैं:
• लग्जरी वाहन: 35 लाख रुपये से अधिक कीमत वाले चार पहिया वाहनों (2 से 12 सीट) पर अब एक्स-शोरूम प्राइस का 12 फीसदी एकमुश्त टैक्स लगेगा. पहले यह दर 9 फीसदी थी.
• निर्माण उपकरण: रबर टायर युक्त निर्माण उपकरणों (डंपर, डोजर, मोटर ग्रेडर, फोर्क लिफ्ट ट्रक आदि) पर एक्स-शोरूम प्राइस का 7 फीसदी टैक्स 15 साल के लिए देना होगा.
• कैंपर वैन: राज्य में पहली बार कैंपर वैन पर एक्स-शोरूम प्राइस का 7 फीसदी टैक्स (15 वर्ष के लिए) लागू किया गया है.
ट्रैक्टर और ट्रेलर पर पहली बार टैक्स
कृषि और परिवहन क्षेत्र में उपयोग होने वाले ट्रैक्टरों को भी टैक्स के दायरे में लाया गया है:
• ट्रैक्टर: राज्य में पहली बार ट्रैक्टर के एक्स-शोरूम प्राइस पर 4 फीसदी टैक्स लगाया गया है.
• ट्रेलर: ट्रेलर के लिए एकमुश्त 5 हजार रुपये का टैक्स देना होगा.

