
उदित वाणी, जमशेदपुर : टाटानगर रेलवे यार्ड में वंदे भारत ट्रेन के एसी मरम्मत के दौरान करंट लगने की घटना में घायल हुए अस्थायी कर्मचारी आशीष माझी की मौत के बाद कई दिनों से जारी गतिरोध आखिरकार सोमवार को समाप्त हो गया। रेलवे प्रशासन, एजेंसी अमित इंजीनियर्स, मृतक के परिजन और ग्रामीण प्रतिनिधियों के बीच करीब दो घंटे चली वार्ता में महत्वपूर्ण समझौता हुआ, जिसके तहत परिजनों को आर्थिक सहायता और रोजगार देने का निर्णय लिया गया।
बैठक में रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी, अमित इंजीनियर्स के प्रतिनिधि, मृतक की मां लक्ष्मी मांझी, जिला पार्षद कुसुम पूर्ति, पंचायत समिति सदस्य, ग्रामीण और झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेता मौजूद रहे। समझौते के अनुसार मृतक की मां को 18.50 लाख रुपये की आर्थिक मदद दी जाएगी, जिसमें 6.50 लाख रुपये बीमा और 12 लाख रुपये मुआवजा है।
अंतिम संस्कार के लिए 50 हजार रुपये तत्काल उनके खाते में भेजे गए और उपचार हेतु अस्पताल में जमा 20 हजार रुपये भी परिजनों को लौटा दिए गए। परिवार के हित में कंपनी ने मृतक के भाई रोहित माझी को 1 जुलाई से अस्थायी नौकरी देने का वादा किया है। कंपनी ने अपने शोक संदेश में मृतक के प्रति संवेदना जताई और बताया कि आशीष अस्थायी कर्मचारी थे, लेकिन हर मानवीय जिम्मेदारी निभाई जाएगी। आंदोलन के दौरान निष्पक्ष जांच की भी मांग उठी, जिसपर कंपनी व रेलवे प्रशासन दोनों ने भरोसा दिया कि घटना में दोषियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
यह आंदोलन आशीष माझी की विद्युत दुर्घटना में मृत्यु के बाद लगातार चल रहा था। अब समझौते के बाद विरोध-प्रदर्शन समाप्त कर दिया गया और परिजनों ने शव उठाने की सहमति दे दी। परिजनों व ग्रामीणों ने उम्मीद व्यक्त की है कि निष्पक्ष जांच के जरिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होगी और ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति नहीं होगी।

