उदित वाणी, जमशेदपुर : जमशेदपुर के सीतारामडेरा थाना क्षेत्र से एक दुखद घटना सामने आई है, जहां निर्मलनगर निवासी विजय दास (53 वर्षीय) ने मंगलवार शाम को अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के तुरंत बाद बदहवास परिजन उन्हें फंदे से उतारकर इलाज के लिए टाटा मुख्य अस्पताल (TMH) लेकर पहुँचे। हालांकि, यहाँ डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद से पूरे परिवार में कोहराम मच गया है।
मानसिक बीमारी से ग्रसित थे विजय, सोमवार को ही एमजीएम से मिली थी छुट्टी
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतक विजय दास पेशे से प्लंबर का काम करते थे और उनके तीन बच्चे हैं। पिछले कुछ समय से उनकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं चल रही थी, जिसके चलते उनका इलाज एमजीएम अस्पताल जमशेदपुर में चल रहा था। मानसिक बीमारी की गंभीरता को देखते हुए बीते गुरुवार को उन्हें एमजीएम अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वहां इलाज के बाद सोमवार को ही उन्हें अस्पताल से छुट्टी (डिस्चार्ज) दी गयी थी।
पत्नी बच्चों को ट्यूशन छोड़ने गई और पीछे से हो गया हादसा
घटना के वक्त विजय दास अपने घर पर ही थे। मंगलवार शाम को जब उनकी पत्नी अपने बच्चों को ट्यूशन छोड़ने के लिए बाहर गई थीं, इसी बीच सूने घर का फायदा उठाकर विजय ने फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। निर्मलनगर सुसाइड न्यूज के अनुसार, जब उनकी पत्नी वापस घर लौटीं, तो उन्होंने काफी देर तक मुख्य दरवाजा खटखटाया। भीतर से कोई प्रतिक्रिया न मिलने पर उन्होंने शोर मचाया।
पड़ोसियों की मदद से तोड़ा गया दरवाजा, टीएमएच में डॉक्टरों ने किया मृत घोषित
दरवाजा नहीं खोलने पर महिला ने पड़ोसियों को बुलाया। पड़ोसियों के सहयोग से जब घर का दरवाजा तोड़ा गया, तो अंदर का दृश्य देखकर सबके होश उड़ गये। विजय कमरे में फंदे से लटके हुए थे। आनन-फानन में उन्हें स्थानीय लोगों की मदद से टीएमएच जमशेदपुर पहुँचाया गया, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी और डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
माना जा रहा है कि उन्होंने अपनी इस गंभीर मानसिक बीमारी से परेशान होकर ही आत्मघाती कदम उठाया है। जमशेदपुर सीतारामडेरा सुसाइड मामले की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लिया। फिलहाल, बुधवार को शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया गया है और पुलिस आगे की वैधानिक कार्रवाई में जुटी है।


