
उदित वाणी, जमशेदपुर : शहर में एक बार फिर अपराध बढ़ने की आशंका गहराने लगी है. इसकी मुख्य वजह यह है कि लंबे समय से जेल की सलाखों के पीछे बंद कई कुख्यात अपराधी हाल के दिनों में जमानत पर बाहर आ चुके हैं या अदालत से बरी हो गए हैं. इन अपराधियों के बाहर आने के बाद से शहर के विभिन्न इलाकों—सोनारी, कदमा, बागबेड़ा, जुगसलाई, परसुडीह, बारीडीह और सिदगोड़ा—में उनके जमावड़े की खबरें सामने आ रही हैं.
जानकारी के अनुसार, करीब दो साल से कई बड़े अपराधी अलग-अलग मामलों में जेल में बंद थे. इस दौरान शहर की अपराध दर में गिरावट देखी गई थी. लेकिन अब अदालत से राहत मिलने के बाद ये अपराधी फिर सक्रिय होते नजर आ रहे हैं. बताया जा रहा है कि बाहर आने के बाद वे नये लड़कों को अपने गिरोह में शामिल करने की कोशिश कर रहे हैं. इससे एक बार फिर गैंगवार की आशंका जताई जा रही है.
सूत्रों के मुताबिक, कुछ सफेदपोश और नेताओं की खादी पहन चुके लोग इन अपराधियों को संरक्षण भी दे रहे हैं. ऐसे लोग न केवल संगठित होकर साजिश रच रहे हैं, बल्कि अपने पुराने विरोधियों को टारगेट करने की योजना भी बना रहे हैं. मौका मिलते ही हमला करने की तैयारी की जा रही है.
जिले में हाल ही में एसएसपी का तबादला होने के बाद अपराधियों के हौसले बुलंद होते दिख रहे हैं. पुलिस को अब नए सिरे से रणनीति बनानी होगी. सभी थाना क्षेत्रों की पुलिस को सतर्क रहने के निर्देश दिये जाने की जरूरत बताई जा रही है. सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और ऐसे अपराधियों पर कड़ी निगरानी रखने से ही हालात काबू में लाए जा सकते हैं.
कुल मिलाकर, जेल से बाहर आए इन अपराधियों की गतिविधियां आने वाले दिनों में जमशेदपुर की शांति और कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती बन सकती हैं. पुलिस और प्रशासन को अब सतर्क रहकर एक ठोस योजना पर अमल करना होगा ताकि शहर में फिर से अपराध की अंधेरी परछाई न पसर सके.
