उदित वाणी जमशेदपुर : बिष्टुपुर थाना पुलिस पर न्यायालय के आदेश की अनदेखी का आरोप लगा है। सीपी क्लब, सोनारी निवासी नरेश कुमार ने दावा किया है कि अदालत के निर्देश के बावजूद अब तक उनकी शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है। मामले को लेकर उन्होंने 15 मई 2026 को वरीय पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत भी सौंपी है।
जानकारी के अनुसार, शिकायत वाद दायर होने के बाद मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत ने बीएनएसएस की धारा 175(4) के तहत आदेश जारी किया था, जिसकी सूचना 28 अप्रैल को बिष्टुपुर थाना को प्राप्त हुई। आरोप है कि इसके बावजूद पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।
पीड़ित नरेश कुमार के मुताबिक, 11 जनवरी की शाम वह बिष्टुपुर स्थित जुडिओ मॉल के पास अपनी कार (जेएच-05डीडी-9486) पार्क कर जा रहे थे। इसी दौरान करणदीप सिंह नामक व्यक्ति उनसे मिला और बातचीत में उलझा लिया। कुछ देर बाद कार सवार 5-6 लोग वहां पहुंचे और कथित तौर पर नरेश को जबरन अपनी गाड़ी में बैठाकर मारपीट की।
नरेश का आरोप है कि उन्हें साकची के गाढ़ाबासा इलाके में ले जाया गया, जहां धमकाकर कोरे कागज और सादे दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करवाए गए। दबाव बनाकर उनसे यह भी लिखवाया गया कि उन्होंने पैसे के बदले अपनी कार बेच दी है। परिवार को नुकसान पहुंचाने की धमकी दिए जाने के कारण उन्होंने भयवश आरोपियों की बात मान ली।
पीड़ित का कहना है कि घटना के तुरंत बाद 11 जनवरी को बिष्टुपुर थाना और 14 जनवरी को एसएसपी कार्यालय में शिकायत दी गई थी, लेकिन अब तक न तो कार बरामद हुई और न ही प्राथमिकी दर्ज की गई। मामले ने पुलिस कार्यशैली और न्यायालयीय आदेशों के अनुपालन पर सवाल खड़े कर दिए हैं।


