
उदित वाणी, जमशेदपुर : गुड़ाबांदा प्रखंड के बनमाकड़ी लैम्पस में धान अधिप्राप्ति को लेकर गंभीर अनियमितताओं का मामला सामने आया है, जिससे स्थानीय किसानों में मायूसी और आक्रोश है. आरोप है कि लैम्पस संचालक जवाहरलाल बारिक ने अपने पुत्र जयंत बारिक, पुत्री कल्याणी बारिक और पत्नी सौदामिनी बारिक के नाम पर कुल 374 क्विंटल धान बेचकर नियमों का उल्लंघन किया और मुनाफा कमाया.
मामले की जांच प्रमुख शुभोजीत मुंडा और उप प्रमुख रतन लाल राउत की मांग पर जिला आपूर्ति पदाधिकारी जुल्फीकार अंसारी द्वारा की गई. जांच में गड़बड़ी मिलने के बाद लैम्पस को सील कर दिया गया और संबंधित रजिस्टर जब्त कर लिया गया. रजिस्टर में दर्ज आंकड़ों की तस्वीरें भी जनप्रतिनिधियों ने सुरक्षित रखी हैं.
दस्तावेजों के अनुसार, जयंत बारिक के नाम 150 क्विंटल, कल्याणी बारिक के नाम 73.8 क्विंटल और सौदामिनी बारिक के नाम 150 क्विंटल धान बेचा गया. संचालक परिवार के पास 14 एकड़ जमीन होने का दावा किया गया है. सरकारी मानक के अनुसार प्रति एकड़ अधिकतम 16 क्विंटल धान की बिक्री ही संभव है, इस हिसाब से कुल 224 क्विंटल धान ही बेचा जा सकता था. आरोप है कि उन 14 एकड़ जमीन में उनके खानदान से जुड़े अन्य सदस्यों का भी हिस्सा है जिन्हें अपने हिस्से में दिखा दिया गया है.
इतना ही नहीं, आरोप है कि संचालक के करीबी रिश्तेदारों के नाम पर भी 1100 क्विंटल से अधिक धान की बिक्री की गई है, जिससे पूरे मामले में बड़े स्तर पर गड़बड़ी की आशंका जताई जा रही है.
जनप्रतिनिधियों ने इसे साधारण किसानों के साथ धोखा बताते हुए कहा कि इस तरह की हरकतों से व्यवस्था पर से भरोसा टूट रहा है. उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है.

