
उदित वाणी, जमशेदपुर : उपायुक्त श्री कर्ण सत्यार्थी के निर्देश पर जिले में विकास योजनाओं की पारदर्शिता और प्रभावशीलता सुनिश्चित करने के लिए एक व्यापक निरीक्षण अभियान चलाया गया. प्रत्येक गुरुवार को संचालित होने वाले इस विशेष अभियान के तहत सभी प्रखंडों और नगर निकायों में नोडल व सहयोगी पदाधिकारियों ने क्षेत्र भ्रमण कर सरकारी सेवाओं का मूल्यांकन किया.
अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुँचाना मुख्य उद्देश्य
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पारदर्शी तरीके से समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे. निरीक्षण के दौरान पदाधिकारियों ने योजनाओं की प्रगति, क्रियान्वयन की गुणवत्ता और लाभुकों तक उनकी पहुंच की वास्तविक स्थिति का आकलन किया.

इन क्षेत्रों और केंद्रों का हुआ सूक्ष्म निरीक्षण
निरीक्षण दल ने पंचायत और शहरी क्षेत्रों में विभिन्न सरकारी संस्थानों का दौरा किया, जिनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:
शिक्षा और पोषण: विद्यालय और आंगनबाड़ी केंद्रों में पठन-पाठन व पोषाहार वितरण.
स्वास्थ्य: स्वास्थ्य उपकेंद्रों में दवाओं और बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता.
डिजिटल सेवा और राशन: प्रज्ञा केंद्र और जन वितरण प्रणाली (पीडीएस) दुकानों पर खाद्यान्न वितरण की नियमितता.
रोजगार और प्रशासन: मनरेगा कार्यस्थल और पंचायत भवनों में कार्यों की समीक्षा.
किस पदाधिकारी ने कहाँ संभाली कमान?
जिले के विभिन्न क्षेत्रों में वरिष्ठ अधिकारियों ने मोर्चा संभाला:
अनुमंडल पदाधिकारी धालभूम: बोड़ाम प्रखंड (मुकरूडीह पंचायत).
विशिष्ट अनुभाजन पदाधिकारी: धालभूमगढ़ (जुनबनी पंचायत).
जिला कल्याण पदाधिकारी: घाटशिला (जोडिसा पंचायत).
निदेशक एनईपी: गुड़ाबांदा (मुड़ाकाटी पंचायत).
सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी: मुसाबनी (मुर्गाघुटू पंचायत).
डीसीएलआर घाटशिला: बहरागोड़ा (भुतिया पंचायत).
नगर निकाय क्षेत्र: जिला परिवहन पदाधिकारी ने जुगसलाई, उप निर्वाचन पदाधिकारी ने जेएनएसी (JNAC) और जिला भू-अर्जन पदाधिकारी ने मानगो नगर निगम क्षेत्र का जायजा लिया. कार्यपालक दंडाधिकारी चंद्रजीत सिंह ने पुड़ीहासा क्षेत्र का निरीक्षण किया.
लापरवाही पर मिलेगी सजा, कमियों को तुरंत सुधारने के निर्देश
उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी ने निरीक्षण के दौरान सामने आई कमियों और समस्याओं का त्वरित निराकरण करने का आदेश दिया है. उन्होंने स्पष्ट किया कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. उपायुक्त के अनुसार, फील्ड स्तर पर निरंतर निगरानी से ही योजनाओं का वास्तविक लाभ आमजन तक पहुंचाया जा सकता है. जिला प्रशासन द्वारा सेवा वितरण प्रणाली को और सुदृढ़ करने के लिए यह अभियान भविष्य में भी जारी रहेगा.

