
उदित वाणी जमशेदपुर: भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI – भाकपा) की पूर्व निर्धारित जिला कार्यकारिणी की महत्वपूर्ण बैठक रविवार को साकची स्थित आमबगान कार्यालय में आयोजित की गई। इस बैठक में पार्टी के सुदृढ़ीकरण और आगामी महीनों में केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ देशव्यापी आंदोलन चलाने की रणनीति पर गंभीर चर्चा हुई। बैठक की अध्यक्षता कॉमरेड भुवनेश्वर तिवारी ने की।
केंद्र सरकार की विदेश नीति और महंगाई की तीखी आलोचना
बैठक में मुख्य रूप से उपस्थित राज्य परिषद् के पर्यवेक्षक कॉमरेड प्रमोद कुमार पांडे ने राष्ट्रीय एवं राज्य परिषद् द्वारा लिए गए निर्णयों की विस्तृत जानकारी दी। इसके साथ ही उन्होंने केंद्र सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल उठाते हुए तीखी आलोचना की: बढ़ती महंगाई: उन्होंने कहा कि सरकार की गलत आर्थिक नीतियों के कारण देश की आम जनता गैस और पेट्रोल-डीजल की आसमान छूती कीमतों का भारी बोझ झेलने को मजबूर है। विदेश नीति: उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान विदेश नीति के कारण पड़ोसी देशों के साथ भारत के पारंपरिक संबंध विपरीत रूप से प्रभावित हुए हैं। पूंजीपतियों को छूट: कॉमरेड पांडे ने कहा कि सरकार आम लोगों के बुनियादी मुद्दों (रोजगार, स्वास्थ्य, शिक्षा) की लगातार उपेक्षा कर रही है और कॉर्पोरेट व पूंजीपतियों को खुली छूट दी जा रही है।
सांगठनिक गतिविधियों और आय-व्यय का लेखा-जोखा प्रस्तुत
बैठक के दौरान भाकपा के जिला सचिव अंबुज कुमार ठाकुर ने जिला परिषद् की हालिया गतिविधियों का पूरा ब्यौरा सदन के सामने प्रस्तुत किया। उन्होंने केंद्रीय और राज्य नेतृत्व को आश्वस्त किया कि राष्ट्रीय व राज्य परिषद् द्वारा तय किए गए सभी आंदोलनात्मक कार्यक्रमों को जमशेदपुर और पूरे जिले में पूरी ताकत के साथ लागू किया जाएगा। वहीं, कॉमरेड निगमानंद पॉल ने पार्टी का वित्तीय लेखा-जोखा (आय-व्यय रिपोर्ट) पेश किया, जिसे सर्वसम्मति से पारित किया गया।
आगामी आंदोलनों की रूपरेखा: ‘दिल्ली चलो’ समेत इन कार्यक्रमों को मिली मंजूरी
बैठक में सर्वसम्मति से आने वाले दिनों के लिए कई बड़े क्रांतिकारी और सांगठनिक कार्यक्रमों को मंजूरी दी गई, जो इस प्रकार हैं: 30 जून (हूल दिवस): हजारीबाग में आयोजित होने वाले विशाल ‘कार्यकर्ता सम्मेलन’ में जमशेदपुर जिले से भारी भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।21-22 अगस्त: दुमका में प्रस्तावित दो दिवसीय ‘आदिवासी सम्मेलन’ में पार्टी के कार्यकर्ता और पदाधिकारी शामिल होंगे। 28 सितंबर (‘दिल्ली चलो’ आंदोलन): केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ दिल्ली के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में आयोजित होने वाले “दिल्ली चलो” महारैली में जिले से हजारों की संख्या में कार्यकर्ताओं को ले जाने का निर्णय लिया गया। अगस्त माह (पदयात्रा व कोष संग्रह): अगस्त के महीने में पूर्वी सिंहभूम जिले के विभिन्न प्रखंडों में व्यापक ‘जन पदयात्रा’ निकाली जाएगी और आम जनता के बीच जाकर ‘कोष संग्रह अभियान’ चलाया जाएगा।
विभिन्न प्रखंडों के पदाधिकारी रहे मौजूद
इस महत्वपूर्ण जिला कार्यकारिणी बैठक में घाटशिला, बहरागोड़ा, चाकुलिया, पटमदा और पोटका समेत जिले की विभिन्न अंचल व ग्रामीण शाखाओं के प्रमुख पदाधिकारी और सक्रिय कार्यकर्ता मुख्य रूप से उपस्थित थे।

