
उदित वाणी,जमशेदपुर : देश के विभिन्न बोर्डों द्वारा आयोजित वार्षिक परीक्षाओं के संपन्न होने के साथ ही अब लाखों विद्यार्थियों और अभिभावकों की निगाहें परिणामों पर टिकी हैं। अप्रैल और मई का महीना छात्रों के लिए बेहद निर्णायक साबित होने वाला है क्योंकि इस दौरान देश के प्रमुख बोर्ड परिणाम साझा करने की तैयारी में हैं।
इस वर्ष केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने अपनी कार्यप्रणाली में तेजी दिखाते हुए सभी को चौंका दिया है। सीबीएसई ने अपनी पुरानी परंपराओं से हटकर 15 अप्रैल 2026 को ही कक्षा 10वीं के परिणाम घोषित कर दिए, जिससे छात्रों को आगे की पढ़ाई के चयन के लिए पर्याप्त समय मिल गया है। अब संपूर्ण देश में सीबीएसई 12वीं के परिणामों को लेकर उत्सुकता बनी हुई है। विभिन्न सूत्रों और वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए संभावना जताई जा रही है कि कक्षा 12वीं के नतीजे मई के मध्य तक आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध करा दिए जाएंगे।
वहीं दूसरी ओर, काउंसिल फॉर द इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन (सीआईएससीई) भी अपने परीक्षा परिणामों को अंतिम रूप देने में जुटा है। आईसीएसई (10वीं) और आईएससी (12वीं) के छात्रों का इंतजार जल्द ही खत्म हो सकता है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, बोर्ड ने उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन का कार्य सफलतापूर्वक संपन्न कर लिया है और वर्तमान में केवल तकनीकी बारीकियों तथा डेटा अपलोडिंग की प्रक्रिया पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। सीआईएससीई द्वारा अप्रैल के अंतिम सप्ताह या मई के प्रथम सप्ताह में परिणामों की घोषणा की जा सकती है। गौरतलब है कि बोर्ड अक्सर दोनों कक्षाओं के परिणाम एक ही दिन जारी करता है, जिससे विद्यार्थियों को अपने यूआईडी और इंडेक्स नंबर संभाल कर रखने की सलाह दी गई है।
झारखंड के परिप्रेक्ष्य में देखें तो झारखंड एकेडेमिक काउंसिल (जैक) इस बार परिणामों को लेकर काफी सक्रिय नजर आ रहा है। जैक ने पहले ही कक्षा 8वीं, 9वीं और 11वीं के परिणाम जारी कर अपनी प्रतिबद्धता स्पष्ट कर दी है। अब सबकी धड़कनें मैट्रिक और इंटरमीडिएट के परिणामों को लेकर तेज हैं। जैक बोर्ड की ओर से मैट्रिक के नतीजे अप्रैल के अंतिम सप्ताह तक आने की प्रबल संभावना है। हालांकि इंटरमीडिएट के कुछ संकायों के परिणाम मई की शुरुआत तक जा सकते हैं, लेकिन बोर्ड का प्राथमिक लक्ष्य यही है कि उच्च शिक्षण संस्थानों में नामांकन प्रक्रिया समय पर शुरू हो सके और छात्रों का सत्र प्रभावित न हो। कुल मिलाकर, आगामी पंद्रह दिन प्रदेश और देश के लाखों विद्यार्थियों के भविष्य की दिशा तय करने वाले साबित होंगे। सभी बोर्डों ने छात्रों को केवल आधिकारिक वेबसाइटों पर दी गई जानकारी पर ही विश्वास करने का परामर्श दिया है।

