उदित वाणी, आदित्यपुर: सरायकेला खरसावां जिले के आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र की बदहाल आधारभूत संरचना और बिजली व्यवस्था को लेकर बुधवार को इसरो के प्रतिनिधिमंडल ने जियाडा एवं बिजली विभाग के अधिकारियों से मुलाकात की. प्रतिनिधिमंडल ने मानसून से पूर्व औद्योगिक क्षेत्र की प्रमुख समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करने की मांग उठाई.
इसरो के अध्यक्ष रूपेश कतरियार ने कहा कि आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र में ढाई हजार से अधिक छोटी और बड़ी औद्योगिक इकाइयां संचालित हैं. इन इकाइयों को जुस्को और झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड के माध्यम से बिजली आपूर्ति की जाती है. लेकिन क्षेत्र की जर्जर सड़कों और क्षतिग्रस्त नालियों के कारण हर वर्ष बरसात के दौरान गंभीर समस्याएं उत्पन्न होती हैं.
उन्होंने बताया कि कई स्थानों पर अंडरग्राउंड बिजली केबल सड़कों और नालियों की खराब स्थिति के कारण क्षतिग्रस्त हो जाते हैं. इसके चलते बिजली आपूर्ति बाधित होती है और औद्योगिक उत्पादन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है. बार-बार होने वाली बिजली कटौती और तकनीकी खराबियों से उद्योगों को आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ता है.
प्रतिनिधिमंडल ने अधिकारियों को अवगत कराया कि यदि मानसून से पहले सड़क, नाली और बिजली ढांचे की मरम्मत नहीं की गई तो आने वाले दिनों में औद्योगिक इकाइयों को और अधिक परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है. उन्होंने औद्योगिक क्षेत्र में आधारभूत सुविधाओं को मजबूत बनाने तथा बिजली आपूर्ति व्यवस्था को सुचारु रखने के लिए समन्वित कार्रवाई की मांग की.
रूपेश कतरियार ने बताया कि जियाडा और बिजली विभाग के अधिकारियों ने प्रतिनिधिमंडल को भरोसा दिलाया है कि मानसून शुरू होने से पहले आवश्यक मरम्मत और सुधार कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने का प्रयास किया जाएगा. उन्होंने उम्मीद जताई कि संबंधित विभाग उद्योगों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए जल्द प्रभावी कदम उठाएंगे.
औद्योगिक संगठनों का मानना है कि आदित्यपुर राज्य का सबसे बड़ा औद्योगिक क्षेत्र है और यहां की आधारभूत सुविधाओं को मजबूत बनाना उद्योगों की निरंतर प्रगति के लिए आवश्यक है. ऐसे में मानसून से पहले सुधारात्मक कार्य पूरे होने से हजारों उद्योगों और उनसे जुड़े श्रमिकों को राहत मिलेगी.


