
उदित वाणी, रांची : स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के अंतर्गत राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, झारखंड द्वारा राज्य के बच्चों को गंभीर बीमारियों से बचाने के लिए एक बड़ी पहल की शुरुआत की गई है. राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम और देश की प्रतिष्ठित अमृता अस्पताल, कोच्चि के संयुक्त तत्वावधान में देवघर, बोकारो और पश्चिमी सिंहभूम में जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित बच्चों के लिए विशेष निःशुल्क स्क्रीनिंग एवं चिकित्सा शिविर का आयोजन किया जा रहा है.
इस महा-अभियान के तहत राज्य के सभी जिलों से अब तक कुल 324 जन्मजात हृदय रोग के लक्षण वाले बच्चों की सूची आरबीएसके कोषांग को प्राप्त हुई है, जिन्हें इस कैंप के माध्यम से स्क्रीनिंग कर आगे की कार्रवाई की जाएगी. इस विशेष स्क्रीनिंग कैंप का मुख्य उद्देश्य चिन्हित बच्चों की समय पर पूरी जाँच करना और उसके बाद उन्हें अमृता अस्पताल, कोच्चि में पूरी तरह से निःशुल्क उपचार और शल्य चिकित्सा उपलब्ध कराना है.
राज्यभर से 324 बच्चों का हुआ पंजीकरण
राज्य मुख्यालय को प्राप्त जिलावार सूची के अनुसार, अब तक चतरा से 32 और पलामू से 26 चिन्हित किए गए हैं. इसके अलावा गोड्डा से 25, लातेहार से 22, पश्चिमी सिंहभूम से 19, पाकुर से 17, गुमला से 16, तथा बोकारो, धनबाद, जामताड़ा, खूंटी और साहिबगंज से 11-11 बच्चों की सूची प्राप्त हुई है.
वहीं रामगढ़ और सरायकेला-खरसावां से 10-10, कोडरमा से 9, दुमका से 7, देवघर से 5, लोहार्दगा और रांची से 4-4, पूर्वी सिंहभूम से 3 तथा सिमडेगा से 1 मरीज की सूची प्राप्त हुई है, जबकि गढ़वा और गिरिडीह से अभी तक कोई सूची प्राप्त नहीं हुई है. इस प्रकार राज्य भर से कुल 324 मरीजों का पंजीकरण हो चुका है.
देवघर, बोकारो और पश्चिमी सिंहभूम में लगेगा विशेष कैंप
इस मेगा कैंप का शेड्यूल भी तय कर दिया गया है. इसके तहत देवघर एम्स परिसर में 17 जुलाई 2026 को सुबह 09:00 बजे से दोपहर 02:00 बजे तक विशेष शिविर लगाया जाएगा. इसके बाद बोकारो जिले में 18 जुलाई 2026 को और पश्चिमी सिंहभूम जिले में 19 जुलाई 2026 को इस शिविर का आयोजन किया जाएगा.
कैंप के सफल संचालन के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, झारखंड के अभियान निदेशक श्री शशि प्रकाश झा ने एम्स देवघर के निदेशक को पत्र लिखकर परिसर में आवश्यक बुनियादी सुविधाएं, वेन्यू आवंटन और व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने का अनुरोध किया है. इसके साथ ही राज्य के सभी सिविल सर्जनों को भी इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं.
0 से 18 वर्ष तक के बच्चों की की जा रही पहचान
अभियान निदेशक ने बताया कि ग्रामीण और शहरी स्तर पर 0 से 18 वर्ष तक के ऐसे बच्चों की पहचान लगातार की जा रही है जो जन्मजात हृदय रोग से ग्रसित हैं. इसके लिए RBSK की मोबाइल हेल्थ टीमों को अन्य कार्यों से मुक्त रखकर आंगनबाड़ी केंद्रों, सरकारी एवं सरकारी सहायता प्राप्त विद्यालयों का सघन दौरा करने का जिम्मा सौंपा गया है.
ग्रामीण स्तर पर सहिया, सहिया साथी और ए.एन.एम. के माध्यम से ऐसे बच्चों को चिन्हित किया जा रहा है जो खेलते या दौड़ते समय बहुत जल्दी थक जाते हैं, बार-बार निमोनिया से पीड़ित होते हैं या जिनके नाखून और होठ नीले पड़ते हैं.
17 जून तक भेजनी होगी बच्चों की विस्तृत सूची
प्राप्त हो चुकी 324 बच्चों की सूची के अलावा, यदि किसी भी क्षेत्र में कोई बच्चे में इस तरह के लक्षण पाए जाते हैं तो अपने नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य संस्थान में सम्पर्क कर सकते हैं. सभी सिविल सर्जन को विस्तृत सूची (बच्चे का नाम, माता-पिता का नाम, आयु, मोबाइल नंबर सहित) आगामी 17 जून 2026 तक अनिवार्य रूप से राज्य मुख्यालय को उपलब्ध कराने को कहा गया है ताकि एक भी जरूरतमंद बच्चा इस जीवन रक्षक योजना से वंचित न रहे.
सहायता और पंजीकरण के लिए जारी किए गए संपर्क नंबर
इस स्वास्थ्य जाँच कैंप से जुड़ी किसी भी प्रकार की जानकारी, सहयोग या नाम दर्ज कराने के लिए राज्य स्तर पर संपर्क सूत्र भी जारी किए गए हैं. आम लोग या जनप्रतिनिधि सीधे राज्य स्तर पर स्थापित RBSK कोषांग के श्री मुकेश कुमार से मोबाइल नंबर 7250364329 पर संपर्क कर सकते हैं.
इसके अलावा अमृता अस्पताल (कोच्चि) के प्रतिनिधि श्री आदित्य कुमार से भी मोबाइल नंबर 9162999702 पर संपर्क कर विस्तृत समन्वय स्थापित किया जा सकता है.
आईईसी के राज्य नोडल पदाधिकारी डॉ राहुल किशोर सिंह ने इस मेगा कैंप को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए शत-प्रतिशत सफल बनाने का अनुरोध किया है, ताकि झारखंड के हृदय रोग से पीड़ित बच्चों को समय पर एक नया और सेहतमंद जीवन मिल सके.

