उदित वाणी, जमशेदपुर : मानगो अंचल के दलदली पंचायत स्थित ईटामारा गांव में रविवार रात संथाली कला और संस्कृति का अनूठा संगम देखने को मिला. आदिबासी समवाय समिति के तत्वावधान में आयोजित भव्य संथाली ड्रामा प्रतियोगिता में हजारों की संख्या में दर्शकों ने शिरकत की. रविवार रात 10 बजे से शुरू हुआ यह सांस्कृतिक महाकुंभ सोमवार सुबह तक पूरे उत्साह के साथ चलता रहा.
सांस्कृतिक विरासत को सहेजने की पहल
आयोजन समिति के अध्यक्ष मंगल कुमार बास्के ने कार्यक्रम के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस तरह के आयोजनों से आदिवासी समाज की परंपरा, भाषा और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षण मिलता है. उन्होंने कहा कि यह मंच न केवल कलाकारों की प्रतिभा को निखारता है, बल्कि सामाजिक एकता को भी प्रगाढ़ करता है. सचिव सुनाराम किस्कु और कोषाध्यक्ष फातु हांसदा सहित समिति के सभी सदस्यों ने कार्यक्रम के सफल संचालन में अहम भूमिका निभाई.
युवा पीढ़ी को परंपराओं से जोड़ना जरूरी: पिंटू दत्ता
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जमशेदपुर-04 के पूर्व जिला पार्षद पिंटू दत्ता उपस्थित थे. उन्होंने अपने संबोधन में कहा, “संथाली ड्रामा केवल मनोरंजन का साधन नहीं है, बल्कि यह आदिवासी समाज की जीवंत पहचान है.” उन्होंने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे कार्यक्रम सामाजिक सौहार्द और भाईचारे को मजबूत करते हैं और युवा पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ते हैं.
पुरस्कारों की घोषणा: मान दिशोम ड्रामा क्लब रहा प्रथम
प्रतियोगिता में विभिन्न ड्रामा दलों ने अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों का मन मोह लिया. उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली टीमों को नकद पुरस्कारों से नवाजा गया:
प्रथम पुरस्कार: मान दिशोम एसएस ड्रामा टीआईसी क्लब (पश्चिम बंगाल) – ₹30,000
द्वितीय पुरस्कार: ₹25,000
तृतीय पुरस्कार: ₹20,000
चतुर्थ से अष्टम स्थान: क्रमशः ₹15,000, ₹13,000, ₹12,000, ₹11,000 और ₹10,000 दिए गए.
गणमान्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति
इस अवसर पर झामुमो प्रखंड अध्यक्ष पलटन मुर्मू, मुखिया सुजाता हांसदा, पंसस पंकज महतो, वार्ड सदस्य पायो बास्के, रविंद्र मार्डी, लालमोहन बास्के, गालू राम टुडू एवं इंद्रजीत किस्कू सहित कई अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे.


