
उदित वाणी, जमशेदपुर: जमशेदपुर शहर के प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थान एस.डी.एस.एम. स्कूल फॉर एक्सीलेंस ने गुरुवार, 2 अप्रैल 2026 को अपना 30वां स्थापना दिवस अत्यंत उत्साह और गरिमा के साथ मनाया। इस विशेष कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य स्कूल की तीन दशकों की गौरवशाली यात्रा को याद करना और शिक्षा के क्षेत्र में इसके महत्वपूर्ण योगदान को रेखांकित करना था।
संस्थापकों की उपस्थिति और प्रेरणादायक संबोधन
समारोह की शुरुआत विद्यालय के अध्यक्ष (Chairman) श्री दिवाकर सिंह के संबोधन से हुई। उन्होंने अपने भाषण में स्कूल के विकास और भविष्य के लक्ष्यों पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर स्कूल की मैनेजर डॉ. निर्मला शुक्ला और ट्रस्टी बोर्ड के सदस्य श्री उमेश कुमार भी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
परंपरा का निर्वहन: ‘स्तोत्र मंजरी’ का विमोचन
विद्यालय में मील के पत्थर (Milestones) पर पुस्तक विमोचन की एक अनूठी परंपरा रही है। 20 वर्ष पूरे होने पर स्कूल की यात्रा पर आधारित एक पुस्तक जारी की गई थी। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए, 30 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में प्राचार्या (Principal) ने ‘स्तोत्र मंजरी’ नामक पुस्तक का विमोचन किया।
उद्देश्य: इस पुस्तक का लक्ष्य छात्रों में नैतिक मूल्यों, सकारात्मक सोच और सांस्कृतिक जागरूकता का विकास करना है।
सामग्री: इसमें विभिन्न प्रार्थनाओं और भजनों को बेहद आकर्षक और प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया है।
शिक्षकों का सम्मान और भविष्य की योजनाएं
शिक्षण के प्रति समर्पण और अनुशासन को प्रोत्साहित करने के लिए स्कूल प्रबंधन द्वारा तीन शिक्षकों को ‘टीचर रेगुलरिटी अवार्ड’ (Teacher Regularity Award) से सम्मानित किया गया।
प्राचार्या ने स्कूल की उपलब्धियों को साझा करते हुए बताया कि संस्थान शैक्षणिक, नैतिक और सांस्कृतिक क्षेत्रों में छात्रों के समग्र विकास के लिए निरंतर प्रयास कर रहा है। उन्होंने आगामी सत्रों के लिए विद्यालय की विस्तार योजनाओं और विकास के रोडमैप को भी साझा किया।
कृतज्ञता ज्ञापन
स्थापना दिवस के इस हर्षोल्लास के अवसर पर पूरे स्कूल परिवार ने अध्यक्ष श्री दिवाकर सिंह के प्रति उनके निरंतर सहयोग और कुशल मार्गदर्शन के लिए आभार व्यक्त किया। पिछले 30 वर्षों में संस्थान ने न केवल उत्कृष्ट शैक्षणिक परिणाम दिए हैं, बल्कि समाज को अनुशासित और प्रतिभावान नागरिक भी दिए हैं।

