
उदित वाणी , जमशेदपुर: पूर्वी सिंहभूम जिले में खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण को पूरी तरह समाप्त करने के लिए जिला प्रशासन एक्शन मोड में है. उपायुक्त के निर्देशानुसार समाहरणालय सभागार में जिला खनन टास्क फोर्स की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें अवैध कारोबारियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई करने का ब्लूप्रिंट तैयार किया गया.
एक महीने की कार्रवाई का लेखा-जोखा
बैठक में पिछले एक माह (19 मार्च से 17 अप्रैल) के दौरान की गई कार्रवाई की समीक्षा की गई. आंकड़ों के अनुसार:
वाहनों की जब्ती: कुल 25 वाहन जब्त किए गए, जिनमें 16 हाईवा, 07 ट्रैक्टर और 02 टाटा 407 शामिल हैं.
प्राथमिकी और जुर्माना: अवैध परिवहन में संलिप्त लोगों के खिलाफ 07 FIR दर्ज की गई हैं और अब तक 4 लाख 29 हजार रुपये का जुर्माना वसूला गया है.
इको सेंसिटिव जोन और बालू माफियाओं पर नजर
समीक्षा के दौरान पदाधिकारियों को विशेष रूप से नदियों से बालू के अवैध उत्खनन और वन क्षेत्रों में हो रहे अवैध खनन को रोकने के निर्देश दिए गए. उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि इको सेंसिटिव जोन के अंदर किसी भी प्रकार का अवैध उत्खनन या क्रशर का संचालन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. वन विभाग को इन क्षेत्रों में प्रभावी गश्त और कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है.
बड़े माफियाओं के खिलाफ सीधी कार्रवाई के निर्देश
बैठक में अंचल अधिकारियों (CO) और थाना प्रभारियों को सख्त निर्देश दिया गया कि वे केवल वाहनों को पकड़ने तक सीमित न रहें, बल्कि अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय बड़े खनन माफियाओं को चिह्नित कर उन पर कड़ी कार्रवाई करें. इसके साथ ही:
बिना पंजीकरण संख्या वाले वाहनों की धरपकड़ तेज होगी.
ओवरलोडेड (अतिभारित) वाहनों की नियमित जांच की जाएगी.
प्रदूषण फैलाने वाले ईंट भट्ठों और अवैध क्रशरों पर भी कानूनी नकेल कसी जाएगी.
बैठक में मौजूद अधिकारी
इस उच्चस्तरीय बैठक में एसडीएम धालभूम अर्नव मिश्रा, अपर उपायुक्त संतोष गर्ग, एडीएम लॉ एंड ऑर्डर राहुल जी आनंद, डीटीओ धनंजय, डीएमओ सतीष नायक, और एसडीपीओ घाटशिला सहित कई डीएसपी और विभागीय पदाधिकारी उपस्थित थे. जिले के सभी अंचल अधिकारी और थाना प्रभारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ऑनलाइन जुड़े रहे.

