
उदित वाणी, जमशेदपुर : उलीडीह थाना क्षेत्र के संजय पथ, सुभाष कॉलोनी रोड नंबर-1 में अधिवक्ता पर जानलेवा हमले का गंभीर मामला सामने आया है. पीड़ित अधिवक्ता दिलीप गोराई ने इस संबंध में वरीय पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) को लिखित शिकायत सौंपकर आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी और निष्पक्ष जांच की मांग की है.
अधिवक्ता दिलीप गोराई के अनुसार, 18 नवंबर को दोपहर करीब 2:30 बजे वे अपनी दीदी जशोदा पाल और भगनी चित्रा पाल को उनके घर छोड़ने गए थे. इसी दौरान उनकी दीदी के देवर संदीप पाल, उसकी पत्नी प्रीति पाल, साला गोलू चौबे और ससुर अबनी कांत पाल ने उनसे गाली-गलौज शुरू कर दी. विरोध करने पर आरोपियों ने लोहे की रॉड और डंडे से उन पर जानलेवा हमला कर दिया. हमले में उनके सिर में कई जगह गंभीर चोटें आईं और वे लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़े. आरोप है कि गिरने के बाद भी हमलावरों ने मारपीट जारी रखी.
घटना के बाद गंभीर रूप से घायल अधिवक्ता को उलीडीह थाना ले जाया गया, जहां से पुलिस ने उन्हें इलाज के लिए एमजीएम अस्पताल भेजा. पीड़ित का आरोप है कि घटना के बाद आरोपी भी थाने पहुंचे और उनके खिलाफ झूठी शिकायत दर्ज कराने का प्रयास किया. उस समय थाना प्रभारी द्वारा आरोपियों को हिरासत में लेने की बात कही गई थी, लेकिन अगले ही दिन 19 नवंबर को सभी आरोपियों को थाने से छोड़ दिया गया.
पीड़ित अधिवक्ता का कहना है कि उलीडीह थाना में मामला दर्ज होने के बावजूद अब तक किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि 10 दिसंबर को संदीप पाल ने फोन कर केस वापस लेने का दबाव बनाया और जान से मारने की धमकी दी. साथ ही आरोपियों ने बचाव के उद्देश्य से उनके, उनकी बहन, जीजा, भांजा और भांजी के खिलाफ कथित रूप से झूठा मामला दर्ज कराया है.
एसएसपी को दिए आवेदन में अधिवक्ता दिलीप गोराई ने बताया कि वे परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य हैं और अभी भी गंभीर चोटों से जूझ रहे हैं. उन्होंने स्वयं और परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी मांग की है.

