
उदित वाणी, रांची : प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सह नेता प्रतिपक्ष ने साहिबगंज जिला के बोरियो अंचल में सत्यनाथ साह नामक व्यक्ति पर 20 एकड़ जमीन पर अवैध पत्थर उत्खनन कर लगभग 200 करोड़ रूपये के राजस्व की क्षति पहंचाने का आरोप लगाया है. उन्होंने इस संबंध में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर अवैध रूप से पत्थर उत्खनन कर रहे पत्थर माफिया सत्यनाथ साह पर कड़ी कार्रवाई करने और अवैध पत्थर उत्खनन का आकलन कराकर राजस्व की नुकसान की वसूली करने की मांग की है.
साथ ही उन्होंने तुरन्त अवैध उत्खनन को रोकने और इस मामले के सूचक की जानमाल की रक्षा करने का आग्रह किया है. नेता प्रतिपक्ष ने अपने पत्र में बताया कि सत्यनाथ साह को पत्थर उत्खनन के लिए जिला खनन कार्यालय साहिबगंज द्वारा सिर्फ 4 एकड़ जमीन का खनन पट्टा दिया गया था. लेकिन उसने लगभग 20 एकड़ जमीन पर पत्थर का अवैघ उत्खनन करके लगभग 200 करोड़ रूप्ये की राजस्व की क्षति पहुंचाई है.
इस मामले में बोरियो के उपप्रमुख कैलाश प्रसाद ने उपायुक्त साहिबगंज को आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की तथा उपायुक्त के निर्देश पर स्थानीय एसडीओ की अध्यक्षता में दो सदस्यीय टीम गठित कर आरोपों की जांच की गई. जांच कमिटी द्वारा सत्यनाथ साह के द्वारा किये गये अवैध पत्थर खनन की मापी कराई गई और कमिटी के प्रतिवेदन में अवैध उत्खनन की पुष्टि होने के बावजूद जिला खनन पदाधिकारी एवं थाना प्रभारी द्वारा लीजधारक पर कोई कार्रवाई नहीं की गई और न ही अवैध पत्थर उत्खनन कार्य को रोका गया.
इतना ही नहीं उल्टे लीजधारक सत्यनाथ साह के पुत्र रोहित कुमार साह ने बोरियो थाना में सूचक कैलाश प्रसाद पर एक फर्जी एफआईआर दर्ज कराया और इसके आधार पर तत्कालीन थाना प्रभारी निरंजन कच्छप ने भ्रष्टाचार के विरूद्ध आवाज उठानेवाले सूचक कैलाश प्रसाद को ही हाजत में बन्द कर दिया तथा धमकी दी गई कि अवैध पत्थर उत्खनन के मामले में आवाज उठाना बन्द कर दो.
इस अवैध पत्थर उत्खनन मामले में सूचक द्वारा पुलिस महानिदेशक एवं आरक्षी उपमहानिरीक्षक दुमका को भी पत्र लिखकर इस पर रोक लगाने एवं अवैध उत्खननकर्त्ता सत्यनाथ साह पर कड़ी कार्रवाई करने का आग्रह किया है. लेकिन पत्थर माफिया की ऊंची पहुंच की वजह से अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है.

