
उदित वाणी, जमशेदपुर : गुरुवार की रात एमजीएम अस्पताल का माहौल अचानक रणक्षेत्र में बदल गया, जब ड्यूटी पर तैनात होमगार्ड जवानों के बीच तीखी नोकझोंक मारपीट में बदल गई. देखते ही देखते लाठी-डंडे चलने लगे और पूरा परिसर अफरा-तफरी में डूब गया. स्थिति बिगड़ते ही अन्य जवानों और चिकित्सकों ने बीच-बचाव का प्रयास किया, लेकिन किसी ने किसी की बात नहीं मानी.
मारपीट में शामिल जवानों की पहचान अविनाश कुमार, राजू झा और विनय चौबे के रूप में की गई है. अस्पताल प्रबंधन ने घटना को गंभीर अनुशासनहीनता मानते हुए तीनों जवानों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए उपायुक्त को पत्र भेजा है.
सूत्रों के अनुसार, विवाद के दौरान कुछ जवान शराब के नशे में थे. प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि घटना से पहले राजू झा और विनय चौबे कुछ समय के लिए ड्यूटी स्थल से गायब थे. सीसीटीवी फुटेज से उनकी अनुपस्थिति की पुष्टि हुई है. लौटने के बाद सीनियर-जूनियर विवाद और गाली-गलौज के बीच मामला इतना बढ़ गया कि बात हाथापाई तक पहुंच गई.
इस घटना ने एमजीएम अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. सूत्र बताते हैं कि अस्पताल में सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी होमगार्ड जवानों पर है, लेकिन जब वही अनुशासन तोड़ने लगें, तो व्यवस्था कैसे सुरक्षित रहेगी?
अस्पताल प्रबंधन ने मामले की जांच शुरू कर दी है. साथ ही प्रशासन यह भी पड़ताल कर रहा है कि क्या रात की ड्यूटी के दौरान अन्य जवान भी अक्सर ड्यूटी से गायब रहते हैं. घटना ने एक बार फिर अस्पताल की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था की कमजोरियों को उजागर कर दिया है.

