
उदित वाणी जमशेदपुर: जनता दल यूनाइटेड (जदयू) ने बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए अपनी दूसरी सूची जारी कर दी है, जिसमें कहलगांव सीट से शुभानंद मुकेश को पार्टी ने प्रत्याशी बनाया है।
यह महज एक राजनीतिक घोषणा नहीं, बल्कि जमशेदपुरवासियों के लिए भी एक आत्मीय जुड़ाव की खबर है। कारण स्पष्ट है—शुभानंद मुकेश का जमशेदपुर से वर्षों पुराना, भावनात्मक और सामाजिक संबंध रहा है।
शुभानंद मुकेश कभी टाटा स्टील में अधिकारी के रूप में कार्यरत थे और जमशेदपुर के औद्योगिक व सामाजिक परिवेश में उन्होंने अपनी विशिष्ट छवि बनाई।
उनकी पत्नी भी पेशे से दंत चिकित्सक हैं और उन्होंने जमशेदपुर में चिकित्सा सेवा दी है।
इस दंपती ने न सिर्फ पेशेवर स्तर पर बल्कि सामाजिक जीवन में भी शहर के साथ मजबूत रिश्ते बनाए।
शहर के कई सामाजिक आयोजनों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और जनकल्याणकारी गतिविधियों में शुभानंद मुकेश की सक्रिय भागीदारी रही है।
वे जमशेदपुर के उन चुनिंदा लोगों में से हैं जिन्होंने बिहार और झारखंड के सामाजिक ताने-बाने को जोड़ने का काम किया है।
राजनीतिक विरासत की बात करें तो शुभानंद मुकेश बिहार कांग्रेस के कद्दावर नेता, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष और कहलगांव से नौ बार विधायक रहे स्व. सदानंद सिंह के पुत्र हैं।
2020 में उन्होंने कांग्रेस के टिकट पर कहलगांव सीट से विधानसभा चुनाव भी लड़ा था। अब 2025 में वे जदयू के प्रत्याशी के रूप में उसी सीट से चुनावी मैदान में हैं।
उनकी उम्मीदवारी न सिर्फ कहलगांव में बल्कि जमशेदपुर के उन हजारों लोगों के लिए भी खास मायने रखती है, जिनके साथ उनका वर्षों का आत्मीय रिश्ता रहा है।
राजनीतिक रूप से सक्रिय होने के बावजूद उन्होंने सामाजिक सरोकारों को कभी नजरअंदाज नहीं किया, यही कारण है कि जमशेदपुर की माटी में उनकी पहचान आज भी जीवित है।
जमशेदपुर में गुजारे वर्षों ने उन्हें एक व्यापक दृष्टिकोण और जनसंपर्क की पूंजी दी है, जिसका असर उनकी राजनीतिक यात्रा में भी देखा जा सकता है।

