
उदित वाणी जमशेदपुर : कुड़मी को आदिवासी का दर्जा देने की मांग को लेकर कई दिनों से जारी आंदोलन समाप्त होने के बाद हावड़ा-मुंबई मुख्य रेल मार्ग पर रविवार से ट्रेनों का परिचालन फिर से शुरू हो गया। टाटानगर से राउरकेला के बीच रेल लाइन पर बैठे लोगों को रविवार सुबह 6:50 बजे हटाया गया। इसके बाद 7:25 बजे तक ट्रैक की तकनीकी जांच पूरी की गई और 7:40 बजे पहली मालगाड़ी को रवाना किया गया।
इधर, गालूडीह से जाम हटाने के बावजूद शनिवार की रातभर केवल मालगाड़ियों का ही परिचालन हुआ, क्योंकि यात्री ट्रेनों को पहले से ही रद्द कर दिया गया था। वहीं सीनी लाइन से कुड़मी समाज के लोगों के हटने के बाद चक्रधरपुर रेल मंडल ने ट्रेनों का संचालन सामान्य करने का आदेश जारी किया।
रविवार सुबह 8:29 बजे से ट्रेनों की आवाजाही शुरू हो गई। मुंबई-हावड़ा गीतांजलि एक्सप्रेस, अहमदाबाद-हावड़ा एक्सप्रेस, शिरडी-हावड़ा एक्सप्रेस और टिटलागढ़-हावड़ा इस्पात एक्सप्रेस को राउरकेला, चक्रधरपुर, सीनी, गम्हरिया, सोनुवा और टाटानगर से हावड़ा मार्ग पर चलाने का निर्देश दिया गया।
ट्रेन परिचालन शुरू होने से छत्तीसगढ़, ओडिशा, बंगाल और उत्तर प्रदेश जाने वाले हजारों यात्रियों को बड़ी राहत मिली है। आंदोलन के कारण कई दिनों तक ट्रेन सेवाएं बाधित रहीं और यात्रियों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा। इस दौरान पटना-बिलासपुर एक्सप्रेस, आरा-दुर्ग साउथ बिहार एक्सप्रेस और जयनगर की ट्रेनें रद्द करनी पड़ी थीं। वहीं टाटानगर से पहले ही दो दर्जन से अधिक ट्रेनें निरस्त की जा चुकी थीं।
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि स्थिति अब पूरी तरह सामान्य है और सभी प्रमुख ट्रेनों को उनके निर्धारित समय के अनुसार चलाया जा रहा है। आंदोलन समाप्त होने से जहां यात्रियों ने राहत की सांस ली है, वहीं रेलवे प्रशासन ने भी चैन की सांस ली है।

