
उदित वाणी, जमशेदपुर : डीबीएमएस इंग्लिश स्कूल में शिक्षकों व कर्मचारियों के लिए ‘आर्ट ऑफ लिविंग’ कार्यशाला का आयोजन 11 से 13 सितम्बर तक किया गया. तीन दिवसीय यह कार्यक्रम शिक्षकों के मानसिक, शारीरिक और भावनात्मक संतुलन को बेहतर बनाने, आंतरिक शांति का अनुभव कराने और व्यावसायिक उत्साह को बढ़ाने पर केंद्रित रहा.
आर्ट ऑफ लिविंग की स्थापना वर्ष 1981 में गुरुदेव श्री श्री रविशंकर ने की थी. उनका मानना है कि तनावमुक्त मन और हिंसामुक्त समाज ही विश्व शांति की आधारशिला हैं. इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए स्कूल में आयोजित यह कार्यशाला शिक्षकों को ईमानदारी, नैतिक मूल्यों और उच्च आदर्शों से छात्रों को प्रेरित करने की दिशा में उपयोगी रही.
कार्यशाला के सत्रों का संचालन जमशेदपुर की झान्वी गोस्वामी व उनकी टीम तथा बेंगलुरु के शिक्षाविद् मुरलीधर कोटेश्वर ने किया. इस दौरान 120 शिक्षकों ने सक्रिय रूप से तीन-स्तरीय प्राणायाम, भस्त्रिका, ओम जप और सुधर्शन क्रिया सहित कई साधनात्मक अभ्यास किए. इन गतिविधियों ने शिक्षकों को आत्मसंतोष का अनुभव कराया और छात्रों का मार्गदर्शन करने में नया उत्साह प्रदान किया.
आर्ट ऑफ लिविंग एजुकेटर्स प्रोग्राम का उद्देश्य शिक्षकों को तनाव घटाने और स्वास्थ्य सुधारने की तकनीकों से सशक्त बनाना है. इसके साथ ही कार्यक्रम में शिक्षक-छात्र संवाद को और सहज बनाने, बच्चों और किशोरों के व्यवहार को समझने तथा बेहतर संप्रेषण कौशल विकसित करने पर बल दिया गया.
स्कूल प्रशासन का कहना है कि इस तरह की पहलें शिक्षकों के व्यक्तिगत विकास के साथ-साथ विद्यालय में सकारात्मक और मूल्यप्रधान वातावरण तैयार करती हैं. डीबीएमएस इंग्लिश स्कूल भावी पीढ़ी को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के साथ उनके सर्वांगीण विकास के लिए लगातार प्रयासरत है.

