
उदित वाणी, जमशेदपुर : आगामी दुर्गा पूजा की धूमधाम के साथ काली पूजा की तैयारियाँ भी जोरों पर हैं। पूरे शहर में पंडाल सज रहे हैं और बाजारों में उत्सव की चहल-पहल बढ़ गई है। लेकिन इस उत्सव के उल्लास के बीच फायर ब्रिगेड विभाग गहरी चिंता में है। अधिकारियों का कहना है कि पूजा समितियाँ अग्नि सुरक्षा नियमों की अनदेखी कर रही हैं, जिससे बड़ा हादसा होने का खतरा बढ़ जाता है।
फायर ब्रिगेड अधिकारी सुरेंद्र यादव ने बताया कि अधिकतर पूजा पंडाल और काली पूजा में सजाई जाने वाली पटाखा दुकानें ज्वलनशील कपड़े व सामग्री से बनाई जाती हैं, जो सुरक्षा मानकों के बिल्कुल खिलाफ हैं। कई बार ऐसे पंडाल निर्माण में उचित दूरी, फायर एक्सिट और अग्निशमन यंत्रों की व्यवस्था नहीं की जाती। पटाखा विक्रेताओं के स्टॉल भी निर्धारित नियमों के अनुरूप नहीं होते। यादव ने स्पष्ट किया कि इन नियमों की अनदेखी से किसी भी क्षण बड़ा हादसा हो सकता है, जो जनजीवन के लिए गंभीर संकट बन जाएगा।
फायर ब्रिगेड के लिए सबसे बड़ी समस्या यह होती है कि भीड़-भाड़ वाले इलाकों में किसी दुर्घटना की सूचना मिलने पर समय पर पहुंच पाना बहुत मुश्किल हो जाता है। इसके कारण कई बार विभाग को आलोचना का सामना भी करना पड़ा है। सुरेंद्र यादव ने प्रशासन और पूजा समितियों से विशेष अपील की है कि वे सख्ती से अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन करें। साथ ही मीडिया के माध्यम से जनता को भी जागरूक किया जाना चाहिए ताकि कोई अप्रिय घटना न घटे। उन्होंने यह भी कहा कि सभी दुकानदारों को आग प्रतिरोधी कपड़ा उपयोग करने के निर्देश दिये जाएं, ताकि सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जा सके।
इस बार दुर्गा व काली पूजा को सुरक्षित बनाने के लिए प्रशासन को विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है, जिससे उत्सव का आनंद सुरक्षित और सुरक्षित वातावरण में मनाया जा सके।

