
उदित वाणी, जमशेदपुर : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2030 तक\’ फाइलेरिया मुक्त भारत\’ के सपनों को साकार करने के लिए राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत सरायकेला- खरसावां जिले में एमडीए -आईडीए अभियान की शुरुआत की गई. इस अभियान के तहत सरायकेला खरसावां जिले में कुल 11,82,856 लोगों को स्वास्थ्य विभाग द्वारा दवा खिलाने का लक्ष्य रखा गया है.
रविवार को सदर अस्पताल मे 14 दिवसीय इस अभियान का शुभारंभ उपविकास आयुक्त रानी हांसदा ने एवं सिविल सर्जन डॉक्टर सरयू प्रसाद सिंह ने दीप जलाकर किया.इस कार्यक्रम में उप विकास आयुक्त ने संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान में स्वास्थ्य की परिभाषा बदलती जा रही है ,लोग शारीरिक के साथ-साथ मानसिक रूप से भी अस्वस्थ हो रहे हैं. इसलिए स्वास्थ्य के प्रति लोगों को अधिक ध्यान देने की आवश्यकता है. उन्होंने इस अभियान में शामिल सभी स्वास्थ्य कर्मियों को कहा कि वे चेंजमेकर और मोटीवेटर के रूप में कार्य करें.
इस अभियान को मिशन मोड मे लें. हर एक व्यक्ति को दवाई दें. उन्होंने कहा कि 2030 तक फाइलेरिया मुक्त भारत के निर्माण को लेकर चली इस अभियान को सफल बनाने में सहयोग करें. सिविल सर्जन डॉक्टर सरयू प्रसाद सिंह ने कहा कि पूरे विश्व में 22 कंट्री फाइलेरिया मुक्त हो चुके हैं अब फाइलेरिया मुक्त होने की बारी भारत की है. सभी कर्मियों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि दवाई लेने के उपरांत लोगों को कुछ साइड इफेक्ट हो सकती है परंतु इससे घबराने की आवश्यकता नहीं है. कार्यक्रम का संचालन डीपीएम निर्मल ने किया.

