
उदित वाणी, रांची : झारखंड हाईकोर्ट ने जमीन घोटाला मामले में गिरफ्तार रांची के पूर्व उपायुक्त छवि रंजन को राहत नहीं दी. जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद की अदालत ने उनकी जमानत अर्जी को नामंजूर करते हुए खारिज कर दी. अदालत ने 25 जुलाई को ही ईडी और बचाव पक्ष की दलीलें सुनने के बाद अपना निर्णय सुरक्षित रख लिया था. जबकि छवि रंजन ने पीएमएलए की बिशेष अदालत द्वारा जमानत याचिका को खारिज किये जाने के बाद हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था.
ज्ञात हो कि रांची के बड़गाईं अंचल के बरियातु क्षेत्र में स्थित सेना के कब्जे वाली 4.55 एकड़ जमीन का फार्जीवाड़ा कर खरीद-बिक्री करने के मामले में ईडी ने पूर्व उपायुक्त छवि रंजन को भी आरोपी बनाया है तथा वह 25 माह से अधिक समय से जेल में बंद हैं. छवि रंजन ने लंबी अवधि से जेल में बंद होने को आधार बनाते हुए अदालत से जमानत की सुविधा प्रदान करने का आग्रह किया था. वहीं ईडी की ओर से अधिवक्ता अमित कुमार दास और सौरभ सिंह ने अदालत को बताया कि इनके द्वारा सजा की एक तिहाई जेल की अवधि का आधार बनाकर जमानत मांगा जाना उचित नहीं है.
क्योंकि यह प्रावधान बार-बार अपराध करने वाले के लिए नहीं है. इनके खिलाफ जमीन घोटाले से जुड़ा एक अन्य मामला भी चल रहा है. ईडी की ओर से कहा गया कि आरोपियों ने सेना की भूमि का अवैध तरीके से सौदा कर सरकारी नियमों का उल्लंघन किया है. इस मामले में जांच के दौरान कई अहम दस्तावेज और सबूत बरामद हुए हैं. ऐसे में इन्हें जमानत की सुविधा नहीं दी जाय. गौरतलब है कि छवि रंजन 4 मई 2023 से ही जेल में बंद हैं. मामले में 13 और 14 अप्रैल 2023 को ईडी ने छवि रंजन समेत बड़गाई अंचल के उप राजस्व निरीक्षक भानु प्रताप प्रसाद समेत 18 लोगों के 22 ठिकाने पर छापेमारी की थी. छापेमारी के दौरान ईडी ने जमीन के कई फर्जी डीड और दस्तावेज भानू प्रताप के आवास से बरामद किया था.
