
उदित वाणी, पटमदा : पटमदा प्रखंड के गोबरघुसी गांव में शनिवार सुबह बारिश और तेज़ हवा के कारण 14वें वित्त आयोग की राशि से बने 4000 लीटर क्षमता वाले जलमीनार के गिरने से हड़कंप मच गया. यह जलमीनार दुर्गा मंदिर परिसर में ग्राम पंचायत द्वारा स्थापित किया गया था. तेज़ हवा में जर्जर ढांचे समेत पूरी टंकी ज़मीन पर आ गिरी.
गांव की जल आपूर्ति पूरी तरह ठप
इस हादसे के बाद गांव के करीब 20 से 25 परिवारों के समक्ष पेयजल संकट उत्पन्न हो गया है. लोगों को पीने के पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है. ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द से जल्द वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई तो हालात और बिगड़ सकते हैं.
ग्राम प्रधान ने दी अधिकारियों को जानकारी
घटना की जानकारी ग्राम प्रधान बेलू सिंह ने तुरंत बीडीओ शशि नीलिमा डुंगडुंग, जेई और एई को दी है. उन्होंने मांग की है कि विभाग जल्द हस्तक्षेप करे और गांव की पेयजल व्यवस्था बहाल करे.
ग्रामीणों में आक्रोश, समाधान की मांग
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि जलमीनार की गुणवत्ता पर पहले भी सवाल उठे थे, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई. अब हादसे के बाद लोग आक्रोशित हैं और चेतावनी दे रहे हैं कि यदि शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो प्रदर्शन किया जाएगा.

