
उदित वाणी, रांची: सीसीएल ने समाप्त हुए वित्तीय बर्ष में 76 मिलियन टन के लक्ष्य के मुकाबले 76.09 मिलियन टन कोयले का उत्पादन किया. शनिवार को सीसीएल मुख्यालय में मीडिया से बातचीत करते हुए कंपनी के सीएमडी पीएम प्रसाद ने बताया कि सीसीएल द्वारा पिछले साल की तुलना में 11 प्रतिशत की वृध्दि करते हुए लगातार दूसरे साल डबल डिजिट में उत्पादन की वृध्दि जारी रखा गया है.
उन्होंने बताया कि सीसीएल द्वारा वित्तीय बर्ष 2021-22 में 68.85 प्रतिशत कोयले का उत्पादन किया गया था. वहीं सीएमडी ने बताया कि वित्तीय बर्ष 2023-24 में 84 मिलियन टन कोयले के उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है और उन्होंने बताया कि आनेवाले दिनों में कंपनी की कई परियोजनाओं को स्टेज टू क्लीसरेंस मिलनेवाला है.
जिससे लक्ष्य को आसानी से पूरा किया जा सकेगा. इधर कंपनी द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार सीसीएल समाप्त हुए वित्तीय बर्ष में आफटेक के लक्ष्य 76 मिलियन टन की तुलना में 75.03 मिलियन टन कोयले का ही डिस्पैच कर पायी.
यद्यपि कंपनी द्वारा पावर सेक्टर को 64.4 मिलियन टन कोयले की आपूर्ति की गई। वहीं सीएमडी के अनुसार सीसीएल द्वारा कार्बन उत्सर्जन कम करने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है. जिसके तहत कंपनी द्वारा 142.95 करोड़ रूपये की लागत से पिपरवार क्षेत्र में 20 मेगावाट सौर उर्जा प्लांट स्थापित कर रही है.
वहीं सीएमडी ने बताया कि कंपनी द्वारा सीएसआर मद में नये वित्तीय बर्ष में 26 करोड़ रूपये खर्च करेगी. इसके अलावा कंपनी द्वारा मेगा सीएसआर प्रोजेक्ट के तहत मोराहाबादी स्थित रांची विश्वविद्यालय कैंपस में कंपनी द्वारा 65.25 करोड़ की लागत से हाईटेक लाइब्रेरी स्थापित करने जा रही है.
जिसमें एक साथ 5000 लोगों के बैठने की क्षमता होगी. जबकि रामगढ़ जिले के 50000 विद्यार्थियों तक मिड डे मिल पहुंचाने के लिए कंपनी 22 करोड़ रूपये खर्च करेगी और खेलगांव रांची स्थित मेगा स्पोर्टस काम्पलेक्स के जीर्णोध्दार पर लगभग 60 करोड़ रूपये खर्च की जायेगी.
कोल इंडिया मैराथन पर सीसीएल 30 लाख रूपये खर्च कर चुकी है. उन्होने बताया कि कोयले की ढुलाई को लेकर सीसीएल की राज्य सरकार के साथ कोई विवाद नहीं है.

