
प्रशासन चुनाव की शुरू की तैयारी, मतदाता सूची विखंडन व बूथ बनाने को 51 शिक्षक प्रतिनियुक्त
बिना ओबीसी आरक्षण के होंगे नगर निकाय चुनाव, कैबिनेट में पास हो चुका है प्रस्ताव
उदित वाणी, जमशेदपुर: झारखंड में नगर निकाय का चुनाव बिना आरक्षण के ही कराए जाने संबंधी प्रस्ताव के कैबिनेट से पास होने के उपरांत मानगो व जुगसलाई में भी चुनाव को लेकर नेताओं की सक्रियता बढ़ गई है.
निकाय चुनाव इस बार राजनीतिक दलों के बैनर तले नहीं होगा बल्कि मेयर, उपमेयर और वार्ड सदस्य पद के उम्मीदवार अपने बूते चुनाव लड़ेंगे. हालांकि सभी राजनीतिक दल अपने समर्थित उम्मीदवार पर दांव लगाने की तैयारी कर रहे हैं.
इस चुनाव में पिछड़े वर्ग को आरक्षण नहीं देने का फैसला लिया गया है. इस वजह से पिछड़ों के लिए आरक्षित नगर निकायों में अब सामान्य वर्ग के उम्मीदवार भी चुनाव लड़ सकेंगे.
नगर निकाय के 2018 और 2019 में हुए चुनावों में पिछड़ों को आरक्षण का प्रावधान किया गया था. हालांकि मानगो नगर निगम में पहली बार चुनाव कराया जाएगा जबकि जुगसलाई में भी वर्षो बाद चुनाव की सरगर्मी देखने को मिलेगी.
कोल्हान के नगर निगम व नगर परिषद
नगर निगम
आदित्यपुर नगर निगम अनारक्षित
मानगो नगर निगम अनारक्षित
नगर परिषद
चक्रधरपुर अन्य अनारक्षित
कपाली महिला पिछड़ा वर्ग
जुगसलाई अनारक्षित
चाकुलिया नगर परिषद
बूथ बनाने को 51 शिक्षक प्रतिनियुक्त
नगर निकाय चुनाव के लिए मतदाता सूची विखंडन और मतदान केन्द्र तैयार करने के लिए 51 शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति उप निर्वाचन पदाधिकारी अभिषेक कुमार ने की है ये शिक्षक तीनों निकायों में प्रतिनियुक्त किये गये हैं.
इनमें मानगो नगर निगम में 32, जुगसलाई नगर परिषद में 13 और चाकुलिया नगर पंचायत में छह शिक्षक शामिल हैं. चाकुलिया में स्थानीय स्तर से कुछ शिक्षकों को लगाया गया है.
14 अक्तूबर तक मतदाता सूची विखंडन कार्य पूरा कर लेना है. उसी दिन मतदाता सूची का प्रकाशन भी कर देना है इसके बाद दावा-आपत्ति की प्रक्रिया शुरू होगी 28 तक दावा-आपत्ति का निराकरण और 29 अक्तूबर को मतदाता सूची का फाइनल प्रकाशन करने का कार्यक्रम है.
डिप्टी कलेक्टर स्तर के अधिकारी ही बन सकते आरओ
राज्य निर्वाचन आयोग ने यह स्पष्ट कर दिया है कि डिप्टी कलेक्टर स्तर के अधिकारी को ही आरओ बनाया जा सकता है. खास तौर से जिला पंचायती राज पदाधिकारी तो बिल्कुल नहीं. पूर्वी सिंहभूम सहित सभी जिलों के उपायुक्तों को इसकी जानकारी लिखकर दे दी गई है.
दरअसल पूर्वी सिंहभूम के पंचायती राज पदाधिकारी डॉ. रजनीकांत मिश्रा का नाम मानगो नगर निगम के चुनाव के निर्वाची पदाधिकारी के रूप में प्रस्तावित था. परंतु राज्य निर्वाचन आयोग ने इस पर आपत्ति कर दी. इसके कारण प्रशासन को दूसरा नाम भेजना पड़ा.

