
जमशेदपुर में हृदय रोग 100 में से 30 प्रतिशत मरीज महिलाएं
:::वर्ल्ड हार्ट डे :::
संतुलित भोजन और नियमित व्यायाम से इस बीमारी को रखा जा सकता है दूर
जमशेदपुर: भागदौड़ की जिंदगी में हार्ट मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा हुई है। कम उम्र में ही हार्ट अटैक आने लगा है, जो चिंता का विषय बन गया है। चिंता की बात यह कि जमशेदपुर में अब पुरुषों के साथ साथ महिलाएं भी इस बीमारी की चपेट में आ रही हैं।
ब्रह्मानंद अस्पताल के हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. संतोष गुप्ता ने बताया कि एक रिपोर्ट के अनुसार, अस्पताल आने वाले कोल्हान की हृदय रोगियों में 30 प्रतिशत महिलाएं और 70 प्रतिशत पुरुषों के हृदय की धमनियों में ब्लॉकेज की समस्याएं पाई गई है। जबकि पंद्रह साल पूर्व महिलाएं की संख्या इससे कम थी लेकिन अब तेजी से बढ़ रही है। इंडियन हार्ट एसोसिएशन के अनुसार, भारतीय पुरुषों में होने वाले सभी हार्ट अटैक का 50% यह 50 वर्ष से कम आयु में होता है। ग्लोबल बर्डन ऑफ डिजीज के अनुसार, भारत में सभी मौतों में से लगभग एक चौथाई (24.8 प्रतिशत) सीवीडी के कारण होती है। इससे बचने के लिए हर उम्र के लोगों ने शारीरिक व्यायाम रोज करना बहुत जरूरी है।
महिलाओं में हार्ट अटैक के पीछे रजोनिवृत्ति बच्चेदानी का ऑपरेशन गर्भनिरोधक गोलियों का उपयोग करना प्रमुख कारण है। डा गुप्ता के मुताबिक गर्भावस्था के समय मधुमेह व उच्च रक्तचाप से ग्रसित होना भी कारण है। महिलाओं में धुम्रपान व शराब का चलन बढ़ना। मानसिक तनाव, मोटापा व डिप्रेशन। पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम। अब महिलाएं भी नौकरी कर रही है। ऐसे में उनकी भी दिनचर्या पूरी तरह से बदल गई है। न तो समय पर खान-पान हो रहा है और न ही शारीरिक श्रम हो पा रहा है। जंक फूड का सेवन अधिक करना। जब 70 प्रतिशत धमनियां हो जाती ब्लॉकेज जब हृदय की धमनियां 70 प्रतिशत से अधिक ब्लॉकेज हो जाती है तब इसके शुरुआती लक्षण सामने आते हैं।
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