
को-ऑपरेटिव लॉ कॉलेज को अलग इकाई का दर्जा दिलाने की मांग
उदित वाणी, जमशेदपुर: जमशेदपुर को-ऑपरेटिव लॉ कॉलेज को अलग यूनिट का दर्जा दिलाने के लिए फिर से अभियान छेड़ दिया गया है. लॉ कॉलेज के सत्र 2019-22 के विद्यार्थी अमर तिवारी ने गुरुवार को राज्यपाल रमेश बैस औऱ उच्च एवं तकनीकी शिक्षा के सचिव राहुल पुरवार से मिलकर इस बाबत ज्ञापन सौंपा. ज्ञापन में बताया गया है कि कोल्हान विश्वविद्यालय के अधीन कोल्हान का एकमात्र सरकारी लॉ कॉलेज जमशेदपुर कॉ-ऑपरेटिव लॉ कॉलेज को अलग यूनिट का दर्जा नहीं दिया गया गया है. इसके चलते इसका ढांचागत विकास नहीं हो पा रहा है.
कोल्हान विश्वविद्यालय के कुलपति समेत अन्य अधिकारियों को आवेदन के माध्यम से कई बार इस बाबत मांग भी की गई, लेकिन अब तक कोई पहल विश्वविद्यालय एवं विभाग द्वारा नहीं की गयी. कहा कि लॉ कॉलेज में विद्यार्थियों की फीस पांच हजार सालाना थी, जिसे इस बार 20 हजार सालाना कर दिया गया. इससे आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को बहुत मुश्किल से पढ़ाई करनी पड़ रही है, क्योंकि कॉलेज को चलाने के लिए फंड नहीं है, इसलिए फीस बढ़ा दी गई. कोल्हान विश्वविद्यालय भी इस कॉलेज के विद्यार्थियों के लिए मूलभूत सुविधा में योगदान नहीं देता है, जबकि यह सरकारी कॉलेज है. अनुरोध किया कि इस कॉलेज को स्वतंत्र इकाई बनाया जाए.
कोल्हान विश्वविद्यालय के कुलपति समेत अन्य अधिकारियों को आवेदन के माध्यम से कई बार इस बाबत मांग भी की गई, लेकिन अब तक कोई पहल विश्वविद्यालय एवं विभाग द्वारा नहीं की गयी. कहा कि लॉ कॉलेज में विद्यार्थियों की फीस पांच हजार सालाना थी, जिसे इस बार 20 हजार सालाना कर दिया गया. इससे आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को बहुत मुश्किल से पढ़ाई करनी पड़ रही है, क्योंकि कॉलेज को चलाने के लिए फंड नहीं है, इसलिए फीस बढ़ा दी गई. कोल्हान विश्वविद्यालय भी इस कॉलेज के विद्यार्थियों के लिए मूलभूत सुविधा में योगदान नहीं देता है, जबकि यह सरकारी कॉलेज है. अनुरोध किया कि इस कॉलेज को स्वतंत्र इकाई बनाया जाए.
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