
उदित वाणी, जमशेदपुर : टाटा स्टील डाउन स्ट्रीम प्रोडक्ट लिमिटेड के दूसरे प्लांट में ट्रांसफर किए गए कर्मचारियों के रोके जाने के मामले पर यूनियन में विवाद हो गया है. वेज रिवीजन समझौता को लेकर सोमवार को हुई वार्ता में प्रबंधन अपने पुराने रुख 8000 रूपये से अधिक वृद्धि नहीं देने पर अड़ा रहा, जबकि यूनियन की ओर से महामंत्री त्रिदेव सिंह ने मोर्चा संभालते हुए 15000 रूपये से कम लाभ लेने से इंकार कर दिया.
इस वार्ता के दौरान ही यूनियन के कुछ प्रतिनिधियों की ओर से दूसरे प्लांट में भेजे गए पांच कर्मचारियों के ट्रांसफर रोकने का मुद्दा छेड़ दिया. वेज रिवीजन वार्ता में कमेटी के पांच सदस्यों में से महामंत्री को छोड़कर सभी ने समर्थन कर दिया, लेकिन महामंत्री ने इसका जोरदार विरोध कर दिया.
उन्होंने दो टूक कहा कि यह कंपनी के इथिक्स के भी खिलाफ है. जिन कर्मचारियों ने ट्रांसफर किए जाने के डर से ईएसएस लिया, फिर उनलोगों का क्या कसूर है? बताया गया कि प्रबंधन ने भी इस पर महासचिव को समझाने का प्रयास किया. यूनियन अध्यक्ष ने इनके ट्रांसफर को रोकने के लिए प्रबंधन को मेल भी किया है.

