
उदित वाणी, गिरिडीह: गिरिडीह नगर निगम चुनाव के दौरान हुई गोलीबारी और हत्या मामले में जेल से रिहा होने जा रहे तीन आरोपियों को पुलिस ने दोबारा गिरफ्तार कर लिया। शुक्रवार को तीनों आरोपियों को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें पुनः न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। इस कार्रवाई के बाद मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है।
बताया जाता है कि नगर निगम चुनाव के दौरान हुई हिंसक घटना में गोलीबारी और हत्या का मामला दर्ज किया गया था। इसी मामले में आरोपी लंबे समय से जेल में बंद थे। हाल ही में आरोपियों को हाई कोर्ट से एक मामले में जमानत मिल गई थी, जिसके बाद उनकी रिहाई की प्रक्रिया शुरू हुई। लेकिन जेल से बाहर निकलने से पहले ही पुलिस ने उन्हें दूसरे मामले में गिरफ्तार कर लिया।
आरोपियों के अधिवक्ता मंटू सिन्हा ने प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि एक ही घटना को लेकर प्रशासन द्वारा दो अलग-अलग केस दर्ज किए गए थे। उन्होंने कहा कि एक मामले में हाई कोर्ट से जमानत मिलने के बाद आरोपियों की रिहाई तय थी, लेकिन दूसरे केस की जानकारी पहले सामने नहीं लाई गई।
वकील मंटू सिन्हा ने आरोप लगाया कि जैसे ही प्रशासन को यह जानकारी मिली कि तीनों आरोपी जेल से बाहर आने वाले हैं, वैसे ही उन्हें दोबारा गिरफ्तार कर लिया गया। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई कानूनी प्रक्रिया पर सवाल खड़े करती है। वहीं, पुलिस प्रशासन का कहना है कि आरोपियों के खिलाफ दर्ज सभी मामलों में कानून के अनुसार कार्रवाई की जा रही है। कोर्ट में पेशी के बाद न्यायालय के निर्देश पर तीनों आरोपियों को फिर से जेल भेज दिया गया। मामले को लेकर राजनीतिक और कानूनी हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है।

