उदित वाणी, जमशेदपुर: झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी सोमवार को जमशेदपुर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने राज्य में शुरू हो रही राज्यसभा चुनाव की नामांकन प्रक्रिया और प्रदेश की मौजूदा राजनीतिक व प्रशासनिक स्थिति को लेकर मीडिया के सामने अपनी बात रखी।
राज्यसभा चुनाव पर केंद्रीय नेतृत्व लेगा अंतिम फैसला
मीडिया से बातचीत करते हुए बाबूलाल मरांडी ने राज्य में आगामी राज्यसभा चुनाव की सरगर्मियों पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने साफ किया कि उम्मीदवारों के चयन और चुनाव से जुड़े सभी पहलुओं को लेकर पार्टी की ओर से पूरी रिपोर्ट केंद्रीय नेतृत्व को सौंप दी गई है।
बाबूलाल मरांडी ने कहा, “हम लोगों ने यहां से सारी रिपोर्ट केंद्र को भेज दी है। अब उम्मीदवारों के चयन को लेकर अंतिम निर्णय लेना केंद्रीय नेतृत्व के हाथ में है।” उनके इस बयान के बाद झारखंड भाजपा की रणनीति और संभावित चेहरों को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं और तेज हो गई हैं।
हेमंत सरकार पर तीखा हमला: ‘राज्य में कानून व्यवस्था बेलगाम’
राज्यसभा चुनाव के अलावा, पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने झारखंड की वर्तमान कानून व्यवस्था को लेकर हेमंत सरकार को बुरी तरह घेरा। उन्होंने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि झारखंड में कानून व्यवस्था पूरी तरह बेलगाम हो चुकी है और यहां कानून नाम की कोई चीज नहीं बची है।
‘अपराधियों का मनोबल बढ़ा, दबाव में है पुलिस’
मरांडी ने आरोप लगाया कि प्रदेश में अपराधियों का मनोबल लगातार बढ़ता जा रहा है, जबकि आम जनता खुद को असुरक्षित महसूस कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य में लगातार अपराध की घटनाएं बढ़ रही हैं, लेकिन हेमंत सरकार स्थिति को नियंत्रित करने में पूरी तरह विफल साबित हो रही है। नेता प्रतिपक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि वर्तमान में पुलिस प्रशासन पर भारी राजनीतिक दबाव है, जिसके कारण अपराधियों के खिलाफ कोई प्रभावी या सख्त कार्रवाई नहीं हो पा रही है।


