उदित वाणी सरायकेला: सरायकेला-खरसावां के निर्देशानुसार उप विकास आयुक्त सुश्री रीना हांसदा की उपस्थिति में समाहरणालय सभागार, सरायकेला में एक महत्वपूर्ण जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया. यह कार्यक्रम प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY) के प्रभावी क्रियान्वयन एवं योजना संचालन से संबंधित प्रक्रियाओं को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से आयोजित हुआ. इस विशेष कार्यक्रम का आयोजन जिला समाज कल्याण शाखा, सरायकेला-खरसावां, निदेशालय एवं IPE Global के संयुक्त तत्वावधान में किया गया.
प्रमुख अधिकारियों और मास्टर ट्रेनरों की उपस्थिति
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिला समाज कल्याण पदाधिकारी सत्या ठाकुर, जिले के सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारी (CDPO), महिला पर्यवेक्षिकाएं, संबंधित कर्मी एवं मास्टर ट्रेनर मुख्य रूप से उपस्थित रहे. इसके अलावा, IPE Global CKD की ओर से ट्रेनिंग एंड IEC एक्सपर्ट मृत्युंजय नायक भी कार्यक्रम में शामिल हुए. जिला स्तरीय मास्टर ट्रेनर अलका इंदवार एवं शुभम महापात्र द्वारा योजना के विभिन्न तकनीकी एवं संचालन संबंधी सत्रों का सफल संचालन किया गया.
प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य और तकनीकी पहलू
प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY) के अंतर्गत लाभुक पंजीकरण, पोर्टल संचालन, आवेदन प्रक्रिया, लाभुक स्वीकृति, भुगतान प्रक्रिया, DBT प्रणाली तथा अन्य तकनीकी एवं प्रशासनिक पहलुओं की विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराना था. इसके माध्यम से प्रखंड एवं आंगनवाड़ी स्तर पर योजना का सुचारू, प्रभावी एवं पारदर्शी संचालन सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है.
लंबित मामलों के निष्पादन और आधार सीडिंग पर विशेष निर्देश
प्रशिक्षण के दौरान कई महत्वपूर्ण तकनीकी प्रक्रियाओं पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई, जिनमें मुख्य रूप से:
Pending Cases (लंबित मामलों) का त्वरित निष्पादन
Beneficiary Registration (लाभुक पंजीकरण)
Face Authentication एवं FRS
Aadhaar Seeding (आधार सीडिंग)
DBT Enablement एवं NPCI Mapping
इसके साथ ही अधिकारियों को विशेष निर्देश दिया गया कि गर्भवती महिलाओं की ANC जांच के 30 दिनों के भीतर अनिवार्य रूप से लाभुकों का पंजीकरण एवं संबंधित प्रक्रियाएं पूर्ण कर ली जाएं, ताकि पात्र लाभुकों को योजना का लाभ समय पर उपलब्ध कराया जा सके.
पोर्टल प्रविष्टि में शत-प्रतिशत शुद्धता का निर्देश
बैठक में यह भी निर्देशित किया गया कि सभी संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी पोर्टल प्रविष्टि कार्य में शत-प्रतिशत शुद्धता एवं अद्यतनता (अपडेशन) सुनिश्चित करें. लंबित मामलों का नियमित अनुश्रवण (मॉनिटरिंग) करते हुए समयबद्ध निष्पादन किया जाए. यह भी साफ तौर पर कहा गया कि किसी भी स्तर पर तकनीकी त्रुटि अथवा अपूर्ण दस्तावेज के कारण लाभुकों को योजना के लाभ से वंचित नहीं होने दिया जाए.
व्यावहारिक प्रशिक्षण और प्रखंड स्तर पर आगामी रूपरेखा
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए योजना के विभिन्न मॉड्यूल पर व्यावहारिक प्रशिक्षण भी प्रदान किया गया. इस अवसर पर जानकारी दी गई कि इस जिला स्तरीय TOT (Training of Trainers) प्रशिक्षण के उपरांत प्रखंड स्तर पर भी इसी प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे. इसका उद्देश्य आंगनवाड़ी सेविकाओं एवं क्षेत्रीय कर्मियों को योजना संचालन संबंधी सभी प्रक्रियाओं की समुचित जानकारी उपलब्ध कराना है.
संवेदनशीलता और जवाबदेही से कार्य करने की अपील
उप विकास आयुक्त सुश्री रीना हांसदा ने सभी संबंधित पदाधिकारियों एवं कर्मियों को निर्देशित किया कि वे योजना के क्रियान्वयन में संवेदनशीलता एवं जवाबदेही के साथ कार्य करें तथा यह सुनिश्चित करें कि कोई भी पात्र लाभुक योजना के लाभ से वंचित न रहे. उन्होंने जोर देकर कहा कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य से जुड़ी योजनाओं का प्रभावी संचालन सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है, इसलिए सभी स्तरों पर समन्वय एवं नियमित अनुश्रवण आवश्यक है.
अंत में, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी ने सभी प्रतिभागियों से अपील की कि वे प्रशिक्षण में प्राप्त जानकारी को जमीनी स्तर तक प्रभावी रूप से पहुंचाते हुए आंगनवाड़ी सेविकाओं एवं संबंधित कर्मियों को भी प्रशिक्षित करें, ताकि पात्र महिलाओं को प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का लाभ समयबद्ध, पारदर्शी एवं सुगम तरीके से उपलब्ध कराया जा सके.


