उदित वाणी, लोहरदगा : लोहरदगा (Lohardaga) के चूल्हापानी में आयोजित भव्य देवनद-दामोदर महोत्सव 2026 (Devnad Damodar Mahotsav 2026) में झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार (Governor Santosh Kumar Gangwar) शामिल हुए. इस अवसर पर उन्होंने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि नदियां सिर्फ सामान्य जलधाराएं नहीं हैं, बल्कि ये हमारी आस्था, समृद्ध संस्कृति और संपूर्ण जीवन का आधार हैं. राज्यपाल ने दामोदर नदी को झारखंड की जीवनरेखा (Lifeline of Jharkhand) बताते हुए पर्यावरण और नदियों के संरक्षण को आज के समय में बेहद अनिवार्य बताया.
दामोदर बचाओ आंदोलन हुआ सफल, 95 प्रतिशत स्वच्छ हुई नदी: सरयू राय
इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे वरिष्ठ नेता सरयू राय (Saryu Roy) ने अपने संबोधन में आंदोलन की सफल यात्रा को रेखांकित किया. उन्होंने कहा कि वर्ष 2004 में शुरू हुए दामोदर बचाओ आंदोलन (Damodar Bachao Andolan) का संकल्प अब पूरी तरह सफल साबित हुआ है. सामूहिक प्रयासों और जन-भागीदारी के कारण दामोदर नदी आज 95 प्रतिशत तक स्वच्छ हो चुकी है, जो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि है.
चूल्हापानी क्षेत्र के विकास और पर्यटन को मिलेगी नई पहचान
महोत्सव के दौरान युगांतर भारती (Yugantar Bharti) के अध्यक्ष अंशुल शरण (Anshul Sharan) ने भी अपने विचार साझा किए. उन्होंने कहा कि माननीय राज्यपाल के चूल्हापानी आगमन से इस पूरे क्षेत्र के प्राकृतिक, धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व को एक नई वैश्विक पहचान मिलेगी. उन्होंने उम्मीद जताई कि इस आयोजन के बाद क्षेत्र में सड़क कनेक्टिविटी, इको-टूरिज्म (पर्यटन), शुद्ध पेयजल, शिक्षा और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसरों को तेजी से बढ़ावा मिलेगा.


