उदित वाणी, आदित्यपुर : आदित्यपुर-02 स्थित कुलुपटांगा फीडर में लंबे समय से जारी बिजली संकट को दूर करने के लिए ‘आदित्यपुर गम्हरिया विकास समिति’ के अध्यक्ष सह नगर परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष पुरेंद्र नारायण सिंह का प्रयास रंग लाने लगा है. मंगलवार को विभाग द्वारा एक बड़ा कदम उठाते हुए कुलुपटांगा फीडर को दो भागों में विभाजित कर दिया गया. इस विभाजन के बाद अस्तित्व में आए नए फीडर का नाम ‘आसंगी फीडर’ रखा गया है. इस संबंध में श्री सिंह के नेतृत्व में पिछले दिनों जमशेदपुर एरिया विद्युत बोर्ड के महाप्रबंधक (जीएम) अजीत कुमार से मुलाकात की गई थी, जिसके बाद विभाग पूरी तरह से एक्शन मोड में आ गया है.
लोड में आई कमी, कुलुपटाँगा के उपभोक्ताओं को मिलेगी राहत
इस बड़े सुधार से कुलुपटांगा फीडर पर ओवरलोडिंग की समस्या काफी हद तक कम हुई है. पूर्व में इस फीडर का लोड लगभग 300 एम्पीयर तक पहुंच जाता था, जिसे अब घटाकर 210 एम्पीयर पर लाया गया है. विद्युत अधिकारियों के अनुसार, मैदानी स्तर पर चल रहे कार्यों की बदौलत अगले एक सप्ताह के भीतर इस लोड को और कम करके 170 एम्पीयर तक लाने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे क्षेत्र के उपभोक्ताओं को ट्रिपिंग की समस्या से बड़ी राहत मिलेगी.
अब भी अधूरा है ठोस आश्वासनों को धरातल पर उतारने का काम
पुरेंद्र नारायण सिंह के प्रयास से लोड शेडिंग की समस्या पर तो काम शुरू हो गया है, परन्तु जीएम द्वारा दिए गए अन्य ठोस आश्वासनों पर धरातल पर काम होना अभी बाकी है. क्षेत्र की आवश्यकता के अनुसार 11 केवी के जर्जर 200 किलो वाले खंभों को बदलकर 400 किलोग्राम के मजबूत पोल लगाने, पेड़ों की टहनियों की छंटाई करने और खराब इंसुलेटर बदलने जैसे महत्वपूर्ण मेंटेनेंस कार्यों का निष्पादन अभी तक प्रारंभ नहीं हो सका है. स्थानीय उपभोक्ताओं को उम्मीद है कि पुरेंद्र नारायण सिंह के इस सक्रिय प्रयास के बाद विभाग जल्द ही बचे हुए बुनियादी कार्यों को भी गति देगा, ताकि पूरे क्षेत्र को ब्रेकडाउन मुक्त बिजली मिल सके.


