उदित वाणी,जमशेदपुर: कोल्हान प्रमंडल में पेट्रोल और डीजल की भारी किल्लत ने आम जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है. बुधवार सुबह से ही जमशेदपुर समेत पूरे इलाके के पेट्रोल पंपों पर वाहनों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी. ईंधन की कमी के कारण कई पंपों को अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा है, जिससे वाहन चालकों के बीच अफरा-तफरी का माहौल है.
लिमिट में मिल रहा तेल, पंपों पर लगी लंबी कतारें
आपूर्ति बाधित होने के कारण पेट्रोल पंप संचालकों ने ईंधन वितरण पर सीमा (Rationing) लागू कर दी है.
दोपहिया वाहन: अधिकतम 200 रुपये तक का पेट्रोल.
चारपहिया वाहन: अधिकतम 2000 रुपये तक का ईंधन. कई पंपों पर केवल पेट्रोल उपलब्ध है, तो कहीं सिर्फ डीजल की बिक्री हो रही है. शहर के मुख्य मार्गों पर स्थित पंपों पर वाहनों की कतारें इतनी लंबी हैं कि यातायात व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है.
जमशेदपुर और कोल्हान के आंकड़े: 60 से अधिक पंप बंद
जमशेदपुर पेट्रोल पंप एसोसिएशन के अनुसार, पूरे कोल्हान क्षेत्र (पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां) में लगभग 300 पेट्रोल पंप हैं, जिनमें से 60 से अधिक पंपों पर तेल पूरी तरह खत्म हो चुका है. अकेले जमशेदपुर शहर की बात करें तो यहाँ के 36 पंपों में से 15 से अधिक पर बिक्री ठप है. भारत पेट्रोलियम (BPCL), इंडियन ऑयल (IOCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) के आउटलेट्स पर इसका सबसे ज्यादा असर देखा जा रहा है.
चाईबासा और सरायकेला तक पहुंचा संकट
ईंधन की यह किल्लत केवल जमशेदपुर तक सीमित नहीं है. सरायकेला-खरसावां और पश्चिम सिंहभूम के चाईबासा में भी हालात चिंताजनक हैं. कई ग्रामीण इलाकों के पंप बंद हो चुके हैं, जिससे बस और भारी वाहनों के परिचालन पर संकट मंडराने लगा है. पंप संचालकों का कहना है कि डिपो से आपूर्ति सामान्य होने के बाद ही स्थिति में सुधार होगा. फिलहाल, लोगों को तेल के लिए एक पंप से दूसरे पंप के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं.


