उदित वाणी, रांची : झारखंड हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस एमएस सोनक एवं जस्टिस राजेश शंकर की अदालत में राज्य सरकार द्वारा अधिसूचित पेसा नियमावली को सही ढंग से लागू नहीं करने के खिलाफ दाखिल याचिका पर सोमवार को सुनवाई हुईं. सुनवाई के बाद अदालत ने मामले में राज्य सरकार से प्रार्थियों की ओर से उठाए गए सवालों पर बिंदुवार जबाब दाखिल करने का निर्देश दिया है.
अदालत ने सरकार से पूछा कि प्रार्थियों द्वारा उठाए गए बिंदु सही हैं या नहीं. क्या संविधान के अनुरूप नियमावली में संशोधन किया गया है. मामले की अगली सुनवाई जून के अंतिम सप्ताह में होगी. वहीं इस मामले में दाखिल याचिका में कहा गया है कि राज्य सरकार ने पेसा नियमावली की मूल भावना के विपरीत संशोधन कर उसे लागू किया है. पेसा नियमावली में आदिवासियों एवं मूलवासियों को बिशेष अधिकार प्राप्त है. लेकिन संशोधनों के कारण उन्हें वे अधिकार नहीं मिल पा रहा है. जिनके वे हकदार हैं.
याचिका में आरोप लगाया गया है कि सरकार ने अपने अनुरूप नियमावली लागू की है और सरकार द्वारा पूरे तंत्र पर अपना नियंत्रण बनाए रखने के के लिए नियमावली को प्रभावी तरीके से लागू नहीं की जा रही है और इसे महज आईवाश बनाकर छोड़ दिया गया है.


