उदित वाणी जमशेदपुर : भारत सरकार की आगामी जनगणना 2027 को लेकर डिजिटल बदलाव किए गए हैं। अब झारखण्ड के निवासी अपने मोबाइल या लैपटॉप के माध्यम से स्वयं अपनी जनगणना की जानकारी दर्ज कर सकते हैं। इस स्व-गणना (Self-Enumeration) प्रक्रिया को चार सरल भागों में बांटा गया है, जिससे डेटा दर्ज करना और उसका सत्यापन करना बेहद आसान हो गया .
भाग 1: पोर्टल पंजीकरण और मुख्य विवरण
स्व-गणना के लिए सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट https://se.census.gov.in पर जाना होगा। यहाँ राज्य के रूप में ‘झारखण्ड’ का चयन करने के बाद अपना क्षेत्र और स्क्रीन पर दिख रहा कैप्चा कोड दर्ज करें। परिवार पंजीकरण के लिए मुखिया का नाम और 10 अंकों का मोबाइल नंबर अनिवार्य .
विशेष सावधानी: एक परिवार के लिए केवल एक ही मोबाइल नंबर का उपयोग किया जा सकता है और पंजीकरण के बाद नाम में बदलाव संभव नहीं .
भाग 2: स्थान की पहचान और डिजिटल मैपिंग
पंजीकरण के बाद अपनी पसंदीदा भाषा चुनें और मोबाइल पर आए OTP के जरिए सत्यापन करें। स्थान विवरण में अपना जिला, पिन कोड और गांव या शहर की जानकारी भरें। इस प्रक्रिया की सबसे खास बात ‘डिजिटल मैप’ है, जहाँ आपको लाल मार्कर को खींचकर अपने घर की सटीक लोकेशन सेट करनी होगी।
भाग 3: डेटा एंट्री और फाइनल सबमिशन
तीसरे चरण में मकान, मुखिया और परिवार के सदस्यों से जुड़ी प्रश्नावली को भरना होगा। किसी भी प्रकार की शंका होने पर पोर्टल पर दिए गए FAQ की मदद ली जा सकती . सबमिट करने से पहले ‘Preview’ विकल्प के जरिए सभी जानकारियों की दोबारा जांच जरूर कर लें, क्योंकि एक बार फाइनल सबमिट होने के बाद डेटा में कोई सुधार नहीं किया जा सकेगा।
भाग 4: SE ID का महत्व और सत्यापन
सफलतापूर्वक डेटा सबमिट होने के बाद सिस्टम द्वारा 11 अंकों की स्व-गणना पहचान संख्या (SE ID) जारी की जाएगी। यह संख्या आपके मोबाइल पर SMS के जरिए भी भेजी जाएगी। जब प्रगणक (Enumerator) आपके घर आएंगे, तब आपको उन्हें यह SE ID दिखानी होगी। यदि SE ID डेटा से मैच हो जाती है, तो आपकी जानकारी स्वीकार कर ली जाएगी, अन्यथा प्रगणक को दोबारा जानकारी देनी पड़ सकती .


