
उदित वाणी, रांची : धुर्वा स्थित ऐतिहासिक जगन्नाथपुर मंदिर के गर्भगृह की रखवाली करने वाले गार्ड बिरसा मुंडा की हत्या के बाद राज्य में राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है. सोमवार को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद आदित्य साहू के नेतृत्व में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने मृतक के परिजनों से मुलाकात कर सांत्वना दी. इस दौरान भाजपा ने हेमंत सरकार की कानून-व्यवस्था को पूरी तरह विफल बताते हुए राज्य में अपराधियों की ‘समानांतर सरकार’ चलने का आरोप लगाया.
आदिवासी असुरक्षित, राजधानी में लचर कानून-व्यवस्था
आदित्य साहू ने गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन खुद को आदिवासी हितैषी बताते हैं, लेकिन उनकी नाक के नीचे राजधानी में एक आदिवासी गार्ड की हत्या हो जाती है. उन्होंने कहा कि जब विधानसभा से कुछ ही दूरी पर मंदिर के गर्भगृह में तैनात गार्ड सुरक्षित नहीं है, तो आम जनता का क्या होगा. उन्होंने मुख्यमंत्री के अन्य राज्यों के दौरों पर तंज कसते हुए कहा कि झारखंड में अपराधियों का मनोबल चरम पर है.
अवैध नशे का कारोबार और ट्रांसफर-पोस्टिंग का खेल
साहू ने आरोप लगाया कि पुलिस-प्रशासन की मिलीभगत से मंदिर क्षेत्र नशेड़ियों का अड्डा बन गया है. उन्होंने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि राज्य में ट्रांसफर-पोस्टिंग के खेल के कारण पुलिस का ध्यान लॉ एंड ऑर्डर पर नहीं है. इसके अलावा, उन्होंने मंदिर समिति के ‘कांग्रेसीकरण’ का आरोप लगाते हुए कहा कि स्थानीय लोगों को समिति में जगह नहीं दी जा रही है.
50 लाख मुआवजा और सरकारी नौकरी की मांग
भाजपा ने राज्य सरकार से मृतक के परिवार के लिए निम्नलिखित मांगें रखी हैं:
परिजनों को अविलंब 50 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए.
परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी प्रदान की जाए.
तत्काल जीविकोपार्जन हेतु आर्थिक सहायता सुनिश्चित हो.
भाजपा की ओर से 50 हजार की आर्थिक सहायता
सांत्वना भेंट के दौरान आदित्य साहू ने पार्टी की ओर से परिजनों को 50,000 रुपये की तत्काल सहयोग राशि प्रदान की और भविष्य में हर संभव मदद का आश्वासन दिया.
मौके पर मौजूद प्रमुख नेता
इस दौरान केंद्रीय मंत्री संजय सेठ, अमर कुमार बाउरी, मेयर रोशनी खलखो, वरुण साहू, नीरज कुमार, अशोक बड़ाईक, नीलम चौधरी, उमेश यादव, उमेश तिवारी और अन्य कार्यकर्ता उपस्थित थे.

