
उदित वाणी, जमशेदपुर :टाटानगर रेलवे स्टेशन पर रविवार को रेल यात्रियों का आक्रोश खुलकर सामने आया, जब रेल यात्री संघर्ष समिति के बैनर तले ट्रेनों की लगातार देरी के खिलाफ व्यापक हस्ताक्षर अभियान चलाया गया। स्टेशन परिसर में आयोजित इस अभियान में सैकड़ों यात्रियों ने भाग लेकर रेलवे की लचर व्यवस्था पर नाराजगी जताई और समयबद्ध ट्रेन संचालन की मांग उठाई।
अभियान के दौरान यात्रियों ने अपनी रोजमर्रा की परेशानियों को साझा किया। नौकरीपेशा लोगों ने बताया कि ट्रेन लेट होने से उन्हें दफ्तर पहुंचने में दिक्कत होती है, जिससे नौकरी पर असर पड़ता है। वहीं छात्र-छात्राओं ने परीक्षा और क्लास छूटने की समस्या बताई। इलाज के लिए यात्रा कर रहे मरीजों और उनके परिजनों ने भी गंभीर कठिनाइयों का जिक्र किया। व्यापारियों ने कहा कि देरी के कारण उनका कामकाज प्रभावित होता है और आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है।
इस मौके पर पश्चिमी जमशेदपुर के विधायक सरयू राय और समाजसेवी शिव शंकर सिंह समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। उन्होंने अभियान को समर्थन देते हुए रेलवे प्रशासन पर उदासीनता का आरोप लगाया। सरयू राय ने कहा कि इससे पहले भी स्टेशन के बाहर एक दिवसीय धरना दिया गया था, लेकिन इसके बावजूद ट्रेनों की लेटलतीफी में कोई सुधार नहीं हुआ है।

उन्होंने कहा कि कई ट्रेनें नियमित रूप से दो से तीन घंटे की देरी से चल रही हैं, जो यात्रियों के लिए बड़ी समस्या बन चुकी है। “रेलवे की प्राथमिक जिम्मेदारी यात्रियों को समय पर सेवा देना है, लेकिन वर्तमान व्यवस्था में उनकी सुविधा की अनदेखी हो रही है,” उन्होंने स्पष्ट कहा।
रेल यात्री संघर्ष समिति के सदस्यों ने बताया कि यह हस्ताक्षर अभियान केवल एक शुरुआत है। एकत्रित हस्ताक्षरों को रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचाकर ठोस कार्रवाई की मांग की जाएगी। समिति ने चेतावनी दी कि यदि जल्द सुधार नहीं हुआ तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
यह अभियान इस बात का संकेत है कि अब यात्रियों का सब्र जवाब देने लगा है और वे अपने अधिकारों के लिए संगठित होकर आवाज उठा रहे हैं।

