
उदित वाणी, रांची: राजधानी रांची के ऐतिहासिक और पौराणिक जगन्नाथपुर मंदिर में हुए सनसनीखेज हत्याकांड और लूट कांड का रांची पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। महज “मौज-मस्ती” और ऐशो-आराम की चाहत में तीन दोस्तों ने मिलकर मंदिर के गार्ड बिरसा मुंडा की बेरहमी से हत्या कर दी थी और दान पेटी से लाखों रुपये लूट लिए थे। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है।
ऐतिहासिक मंदिर में खूनी खेल और लूट
सैकड़ों वर्ष पुराने ऐतिहासिक जगन्नाथपुर मंदिर में अपराधियों ने न केवल आस्था को चोट पहुँचाई, बल्कि मानवता को भी शर्मसार किया। आरोपियों ने मंदिर परिसर में घुसकर ड्यूटी पर तैनात गार्ड बिरसा मुंडा की पत्थर और लोहे की रॉड से हमला कर बेरहमी से हत्या कर दी। हत्या के बाद आरोपियों ने मंदिर की दान पेटी का ताला तोड़कर उसमें रखे ₹3,00,000 (तीन लाख रुपये) से अधिक की नकदी लूट ली और फरार हो गए।
एसआईटी (SIT) ने सीसीटीवी और तकनीक से दबोचा
इस जघन्य अपराध की गंभीरता को देखते हुए रांची के एसएसपी राकेश रंजन के निर्देश पर एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया था। टीम ने मंदिर में लगे सीसीटीवी कैमरों की गहनता से जांच की और तकनीकी अनुसंधान का सहारा लिया। सटीक सूचना के आधार पर पुलिस ने जगन्नाथपुर के न्यू कॉलोनी क्षेत्र से तीन आरोपियों को धर दबोचा। पकड़े गए आरोपियों की पहचान देव कुमार उर्फ रचित कुमार, विकास महली और आयुष कुमार दत्ता के रूप में हुई है।
लूट के पैसों से की शॉपिंग और जमकर की पार्टी
पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने जो खुलासा किया वह चौंकाने वाला है। उन्होंने स्वीकार किया कि वे केवल “मौज-मस्ती” करना चाहते थे, जिसके लिए उन्होंने इस वारदात को अंजाम दिया। गार्ड की हत्या और लूट के तुरंत बाद, आरोपियों ने रांची के विभिन्न नामी शोरूम और दुकानों से महंगे ब्रांडेड कपड़े और जूते खरीदे। यही नहीं, लूटे गए पैसों से उन्होंने जमकर पार्टी भी की। पुलिस ने आरोपियों के पास से ₹3 लाख नगद, हत्या में प्रयुक्त हथियार और खरीदारी की रसीदें बरामद की हैं।
पुलिस द्वारा जब्त किया गया सामान:
नगद राशि: ₹3,00,000 (तीन लाख रुपये)।
हथियार: हत्या में इस्तेमाल किया गया पत्थर और लोहे का रॉड।
साक्ष्य: दान पेटी का टूटा हुआ ताला, नए खरीदे गए कपड़े और खरीदारी की रसीदें।

