
उदित वाणी,जमशेदपुर: जमशेदपुर महिला विश्वविद्यालय के बिष्टुपुर परिसर में गुरुवार को संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती अत्यंत गरिमापूर्ण ढंग से मनाई गई. कुलपति प्रो. (डॉ.) इला कुमार के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम के माध्यम से छात्राओं को बाबा साहेब के आदर्शों और उनके द्वारा दिखाए गए समानता के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया गया.
विविध प्रतियोगिताओं से गूंजा परिसर
जयंती के अवसर पर विश्वविद्यालय में छात्राओं के लिए कोलाज मेकिंग, स्वरचित कविता पाठ और क्विज (प्रश्नोत्तरी) प्रतियोगिता का आयोजन किया गया. इन कार्यक्रमों के माध्यम से छात्राओं ने बाबा साहेब के जीवन संघर्ष और भारतीय संविधान के निर्माण में उनके योगदान को प्रदर्शित किया. समापन समारोह का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ.
अंबेडकर के विचारों पर गहरा मंथन
राजनीति विज्ञान विभाग की अध्यक्ष डॉ. सोनाली सिंह ने स्वागत संबोधन के साथ विषय प्रवेश कराया. वहीं, एम.एड. की छात्रा सुचिता दास ने डॉ. अंबेडकर को समर्पित अपनी स्वरचित कविता से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया.
मुख्य वक्ता के रूप में राजनीति विज्ञान विभाग के डॉ. अभय कांत ने बाबा साहेब के दर्शन पर प्रकाश डालते हुए कहा:
डॉ. अंबेडकर ने समानता, न्याय और मानवाधिकारों के लिए अपना संपूर्ण जीवन समर्पित कर दिया.
उन्होंने समाज में व्याप्त भेदभाव और असमानता की जड़ों पर प्रहार किया.
उन्होंने विशेष रूप से महिलाओं और वंचित वर्गों के लिए शिक्षा को ‘सामाजिक परिवर्तन का सबसे प्रमुख साधन’ बताया.
विजेता प्रतिभागी हुए सम्मानित
समारोह के अंत में मानविकी संकायाध्यक्ष द्वारा विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेता प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया. कार्यक्रम का मंच संचालन योग शिक्षक रवि नेवार ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन इतिहास विभागाध्यक्ष डॉ. माधुरी प्रियदर्शी द्वारा दिया गया.
उपस्थिति: इस अवसर पर डॉ. मनीषा टाइटस, डॉ. पुष्पा कुमारी, डॉ. रिजवाना परवीन, डॉ. अमृता कुमारी, डॉ. नूपुर अन्विता मिंज, डॉ. पल्लवी झा, डॉ. सोनी, डॉ. अनुराधा झा, डॉ. अपर्णा कार, लक्ष्मी सहित विश्वविद्यालय के शिक्षक, कर्मचारी और बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित थीं.

