
उदित वाणी, आदित्यपुर: आदित्यपुर नगर निगम क्षेत्र में भीषण गर्मी और पछुआ हवा के प्रकोप ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। इस मौसम का सीधा असर लोगों के स्वास्थ्य पर दिख रहा है, जिसके कारण सरकारी और निजी अस्पतालों में सामान्य दिनों की तुलना में मरीजों की संख्या में डेढ़ गुना (50%) की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। अस्पतालों में उपचार के लिए आने वाले लोगों का तांता लगा हुआ है।
डायरिया और बुखार के सबसे ज्यादा मरीज: डॉ. जेएन दास
गंगोत्री हेल्थ केयर के डॉ. जेएन दास ने बताया कि अस्पताल पहुंचने वाले अधिकांश मरीज तेज धूप और गर्मी की वजह से बीमार हो रहे हैं। इनमें प्रमुख रूप से बुखार, बदन दर्द, सुस्ती और डायरिया जैसी शिकायतें मिल रही हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि शरीर में पानी की कमी, उल्टी, तेज बुखार, सिरदर्द, चक्कर आना और मस्तिष्काघात (स्ट्रोक) जैसी गंभीर जटिलताएं भी इस मौसम में बढ़ सकती हैं।
त्वचा रोग और हृदय संबंधी समस्याओं का खतरा
डॉक्टरों के अनुसार, गर्मी के कारण त्वचा पर रैशेज सहित अन्य चर्म रोगों का खतरा भी बढ़ गया है। इसके अलावा, कार्डियोवास्कुलर (हृदय संबंधी) जटिलताएं भी मरीजों के लिए परेशानी का सबब बन रही हैं। इस मौसम में लापरवाही बरतने पर स्थिति जानलेवा भी हो सकती है।
लू से बचाव के लिए क्या करें और क्या न करें?
डॉ. जेएन दास ने आम लोगों को विशेष सावधानी बरतने और खान-पान पर ध्यान देने की सलाह दी है:
क्या खाएं: ज्यादा से ज्यादा तरल पदार्थ जैसे ओआरएस (ORS) घोल, छाछ, नींबू पानी, कच्चे आम का शर्बत, लस्सी, तरबूज, खरबूज, खीरा और ककड़ी का सेवन करें।
किससे बचें: कोल्ड ड्रिंक से दूरी बनाएं। तला-भुना, मसालेदार और बासी भोजन न करें, क्योंकि ये स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हैं।
विशेष सुझाव: शरीर को हाइड्रेट रखें और अनावश्यक रूप से तेज धूप में बाहर निकलने से बचें।

