उदित वाणी, जमशेदपुर: समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में शुक्रवार को ‘जन शिकायत निवारण दिवस’ का आयोजन किया गया. इस अवसर पर उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी ने जिले के विभिन्न प्रखंडों और शहरी क्षेत्रों से आए नागरिकों की समस्याओं को व्यक्तिगत रूप से सुना. उपायुक्त ने संवेदनशीलता दिखाते हुए कई गंभीर आवेदनों का मौके पर ही समाधान किया, जिससे आवेदकों के चेहरे पर संतोष देखा गया.

इन प्रमुख समस्याओं पर प्राप्त हुए आवेदन
जनता दरबार में नागरिकों ने अपनी विभिन्न व्यक्तिगत और सामाजिक समस्याओं को लेकर उपायुक्त के समक्ष गुहार लगाई. मुख्य रूप से निम्नलिखित विषयों पर आवेदन प्राप्त हुए:
शिक्षा एवं कल्याण: निजी विद्यालयों में बीपीएल (BPL) बच्चों का नामांकन और स्कूल फीस माफी से जुड़े मामले.
सरकारी योजनाएं: झारखंड मुख्यमंत्री मइंया सम्मान योजना का लाभ, पेंशन और राशन कार्ड से संबंधित शिकायतें.
राजस्व एवं भूमि: जमीन विवाद, म्यूटेशन (दाखिल-खारिज) और संपत्ति विवाद.
अन्य सेवाएं: दुकान आवंटन, गैस वितरण, वाहन जब्ती, आर्म्स लाइसेंस और अधूरा आवास निर्माण.
पदाधिकारियों को कड़ा निर्देश: “प्राथमिकता पर करें निष्पादन”
उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी ने मौके पर उपस्थित संबंधित विभागीय पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि प्राप्त प्रत्येक आवेदन का निष्पादन प्राथमिकता के आधार पर किया जाए. उन्होंने स्पष्ट किया कि जनहित से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. जो मामले जटिल हैं और तत्काल हल नहीं हो सकते, उनके लिए एक निश्चित समय-सीमा तय करने का निर्देश दिया गया है.
नियमित मॉनिटरिंग और समीक्षा का भरोसा
उपायुक्त ने कहा कि जन शिकायत निवारण दिवस में आने वाले आवेदनों के निष्पादन की नियमित रूप से मॉनिटरिंग की जाएगी. उन्होंने अधिकारियों से प्रगति रिपोर्ट की समीक्षा करने को कहा ताकि नागरिकों को सरकारी योजनाओं और शिकायतों के निवारण का लाभ समय पर मिल सके.


