उदित वाणी जमशेदपुर: शहर में गुरुवार देर शाम उस समय हलचल मच गई जब रांची पुलिस की टीम ने अलग-अलग थाना क्षेत्रों में छापेमारी कर तीन लोगों को हिरासत में लिया। इनमें कदमा थाना क्षेत्र के भाटिया बस्ती मंदिर पथ निवासी दिनेश अग्रवाल, सोनारी के बड़तल्ला निवासी अयान सरकार तथा शहर के एक पूर्व पत्रकार शामिल हैं। तीनों को बिष्टुपुर थाना लाकर देर शाम से देर रात तक गहन पूछताछ की गई।
सूत्रों के अनुसार, पूछताछ के दौरान जमशेदपुर के सिटी एसपी कुमार शिवाशीष भी बिष्टुपुर थाना पहुंचे, जिससे पूरे घटनाक्रम की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है। हालांकि पुलिस की ओर से आधिकारिक रूप से यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि किन मामलों में पूछताछ की जा रही है।
दिनेश अग्रवाल के भाई अशोक अग्रवाल ने बताया कि उनके भाई को कदमा स्थित रंकिणी मंदिर से हिरासत में लिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि थाना पहुंचने पर उन्हें न तो अपने भाई से मिलने दिया गया और न ही हिरासत के कारणों की जानकारी दी गई। इस दौरान दिनेश अग्रवाल के परिजन देर रात तक थाना के बाहर डटे रहे।
जानकारी के अनुसार, दिनेश अग्रवाल राज्य के एक पूर्व मंत्री का करीबी रह चुका है और रिम्स, रांची में उनके प्रतिनिधि के तौर पर भी काम कर चुका है। इसके अलावा, पूर्व में मानगो स्थित सहारा सिटी में एक नाबालिग से दुष्कर्म मामले में भी उसका नाम सामने आ चुका है।
दूसरी ओर, अयान सरकार को भी एक पूर्व मंत्री के पुत्र का करीबी बताया जा रहा है और वर्तमान में वह एक मंत्री से नजदीकी संबंध होने का दावा करता है। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर शहर के व्यवसायिक और सामाजिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।
पुलिस सूत्रों की मानें तो यह कार्रवाई रांची के एक चर्चित 236 करोड़ रुपये के जमीन घोटाले से जुड़ी हो सकती है, जिसमें एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी समेत कई प्रभावशाली लोग आरोपी बताए जा रहे हैं। इस मामले में रांची के एसपी पारस राणा के नेतृत्व में पूरी कार्रवाई की गई।
हालांकि देर रात तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी थी, लेकिन संभावना जताई जा रही है कि पूछताछ के बाद कुछ लोगों को छोड़ दिया गया हो, जबकि कुछ को आगे की कार्रवाई के लिए रोका गया है। फिलहाल पूरे मामले पर पुलिस की चुप्पी बनी हुई है, जिससे रहस्य और गहराता जा रहा है।


