
उदित वाणी बहरागोड़ा: बहरागोड़ा जिले के बहरागोड़ा क्षेत्र अंतर्गत बरागाड़िया पंचायत के पानीपाड़ा गांव में एक बार फिर सनसनी फैल गई है. बुधवार रात स्वर्णरेखा नदी के किनारे द्वितीय विश्व युद्ध (World War II) के समय का एक और संदिग्ध विस्फोटक मिलने से ग्रामीण दहशत में हैं. लगातार मिल रहे विस्फोटकों ने प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है.
अमेरिका निर्मित बम मिलने की आशंका
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, स्वर्णरेखा नदी के किनारे रेतीले हिस्से में यह संदिग्ध वस्तु दिखाई दी, जो देखने में बिल्कुल पुराने बम जैसी है. जानकारों का मानना है कि यह अमेरिका निर्मित (US Made) बम हो सकता है, जो द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान इस क्षेत्र में दबे रह गए थे. घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन ने एहतियात के तौर पर इलाके की घेराबंदी कर दी है.
पहले भी मिल चुके हैं दो बम
गौरतलब है कि इसी इलाके में कुछ ही दिन पहले एक जिंदा बम बरामद हुआ था. उस समय इंडियन आर्मी की बम निरोधक टीम (Bomb Disposal Squad) ने मौके पर पहुंचकर जांच की थी, जिसमें एक और बम मिला था (हालांकि वह खाली था). सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए सेना के विशेषज्ञों ने 10 से 15 फीट गहरे गड्ढे में नियंत्रित विस्फोट (Controlled Blast) के जरिए उन्हें निष्क्रिय किया था. अब एक ही सप्ताह के भीतर तीसरे बम की सूचना ने क्षेत्र में भय का माहौल बना दिया है.
सर्च ऑपरेशन की उठ रही मांग
विशेषज्ञों ने पहले ही चेतावनी दी थी कि स्वर्णरेखा नदी की तलहटी और आसपास के खेतों में इस तरह के और भी विस्फोटक दबे हो सकते हैं. बार-बार मिल रहे इन बमों के बाद ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से पूरे इलाके में व्यापक सर्च ऑपरेशन (Comprehensive Search Operation) चलाने की मांग की है. लोगों का कहना है कि जब तक पूरे क्षेत्र की वैज्ञानिक तरीके से जांच नहीं होती, तब तक खेती या अन्य कार्यों के लिए नदी किनारे जाना जानलेवा साबित हो सकता है.
प्रशासन ने जारी किया अलर्ट
सूचना मिलते ही सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं. प्रशासन ने ग्रामीणों को स्वर्णरेखा नदी के उस विशेष क्षेत्र की ओर जाने से सख्त मना किया है. आर्मी की टीम को फिर से सूचित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. फिलहाल स्थिति पर पुलिस और स्थानीय अधिकारी पैनी नजर बनाए हुए हैं ताकि किसी भी प्रकार की अनहोनी को टाला जा सके.

