
2004 बैच के शिक्षकों को अब 2003 से मिलेगा वरीयता का लाभ
उदित वाणी, जमशेदपुर : पूर्वी सिंहभूम जिले के प्राथमिक शिक्षकों के वर्षों पुराने संघर्ष को आखिरकार बड़ी सफलता मिली है. जिला शिक्षा अधीक्षक कार्यालय द्वारा जारी एक ऐतिहासिक आदेश के तहत वर्ष 2004 बैच में नियुक्त शिक्षकों की आधिकारिक नियुक्ति तिथि अब संशोधित कर 22 दिसंबर 2003 मान ली गई है. अखिल झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ के निरंतर प्रयासों और स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के निर्देशों के बाद आए इस फैसले से जिले के उन सैकड़ों शिक्षकों को सीधा लाभ मिलेगा, जिनकी नियुक्ति दिसंबर 2003 से दिसंबर 2004 के बीच हुई थी.
इस प्रशासनिक निर्णय के साथ ही शिक्षकों के करियर में वरिष्ठता और आर्थिक सुरक्षा के नए द्वार खुल गए हैं. झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की 2003 की प्रथम अनुशंसा के आलोक में अब इन सभी शिक्षकों को ‘ग्रेड-2’ में प्रोन्नति प्रदान कर दी गई है. नई व्यवस्था के तहत शिक्षकों की सीनियरिटी अब 22 दिसंबर 2003 की तिथि से निर्धारित की जाएगी, जिससे भविष्य में उनके पदोन्नति के अवसरों में उल्लेखनीय सुधार होगा. इसके साथ ही, शिक्षकों को पुरानी पेंशन योजना की तर्ज पर सामान्य भविष्य निधि (जीपीएफ) का लाभ भी इसी पूर्व प्रभावी तिथि से मिलना शुरू हो जाएगा.
हालांकि विभाग ने नीतिगत स्पष्टीकरण देते हुए यह भी साफ किया है कि इस बदलाव के कारण शिक्षकों को उनकी काल्पनिक नियुक्ति तिथि और वास्तविक कार्यभार ग्रहण करने की अवधि के बीच का कोई पिछला बकाया या वित्तीय एरियर प्रदान नहीं किया जाएगा. शिक्षकों को केवल वरिष्ठता और भविष्य निधि के लाभों की पात्रता होगी. अखिल झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ की जिला कमेटी ने विभाग के इस कदम का स्वागत करते हुए इसे शिक्षकों के धैर्य और एकता की जीत बताया है. वर्तमान में जिला शिक्षा अधीक्षक द्वारा इस आदेश की प्रतियां संबंधित कोषागारों और शिक्षा पदाधिकारियों को भेज दी गई हैं ताकि प्रशासनिक स्तर पर वरिष्ठता सूची में सुधार की प्रक्रिया जल्द पूरी की जा सके.
