
उदित वाणी जमशेदपुर : शहर के चर्चित कैरव गांधी अपहरण मामले में पुलिस जांच लगातार तेज होती जा रही है। सोमवार को बिष्टुपुर थाना पुलिस ने उद्योगपति देवांग गांधी के पुत्र कैरव गांधी को जमशेदपुर की अदालत में पेश कर उनका बयान दर्ज कराया। अदालत में कैरव ने पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जानकारी दी, जिसके आधार पर अब पुलिस आगे की कार्रवाई को और मजबूत करने में जुट गई है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, बयान दर्ज होने के बाद अब जेल में बंद आरोपियों की पहचान सुनिश्चित करने के लिए जल्द ही टीआई (टेस्ट आइडेंटिफिकेशन) परेड कराई जा सकती है। इससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि अपहरण की घटना में कौन-कौन सीधे तौर पर शामिल थे।
गौरतलब है कि 13 जनवरी की दोपहर बिष्टुपुर स्थित लिंक रोड से कैरव गांधी का कार समेत अपहरण कर लिया गया था। यह घटना शहर में सनसनी फैलाने वाली थी और पुलिस महकमे के लिए बड़ी चुनौती बन गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तीन विशेष टीमों का गठन किया था, जिन्होंने बिहार और झारखंड के कई शहरों में लगातार छापेमारी की।
लगातार दबाव और पुलिस की सख्ती के चलते अपराधियों ने आखिरकार 26 जनवरी की रात कैरव गांधी को बरही के राष्ट्रीय राजमार्ग के पास छोड़ दिया। सुरक्षित वापसी के बाद पुलिस ने जांच का दायरा और बढ़ा दिया और अलग-अलग राज्यों में कार्रवाई करते हुए कोलकाता, पटना, गया, नवादा समेत कई स्थानों से करीब एक दर्जन अपराधियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
इस दौरान पुलिस को कई बार विरोध और हिंसा का भी सामना करना पड़ा। घटनास्थल के मुआयना के दौरान अपराधियों ने पुलिस टीम पर हमला कर दिया था, जिसमें जवाबी कार्रवाई में मुठभेड़ हुई और तीन अपराधी घायल हो गए थे।
इधर, इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों को राहत नहीं मिल रही है। मुख्य आरोपी गुड्डू सिंह की जमानत याचिका मंगलवार को सीजेएम अदालत ने खारिज कर दी। इससे पहले मोहन प्रसाद और अर्जुन की जमानत अर्जी भी कोर्ट द्वारा नामंजूर की जा चुकी है। वहीं, एक अन्य आरोपी एस आलम ने जिला जज की अदालत में अग्रिम जमानत के लिए आवेदन किया है, जिस पर सुनवाई अभी लंबित है।
पुलिस जांच में अब यह भी सामने आ रहा है कि इस अपहरण कांड में अंतरराज्यीय गिरोह सक्रिय था। खासकर पंजाब के कुछ अपराधियों के शामिल होने की सूचना मिली है। इनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है और जल्द ही इस मामले में और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
कुल मिलाकर, कैरव गांधी अपहरण कांड में पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है और आने वाले दिनों में टीआई परेड तथा अन्य कानूनी प्रक्रियाओं के जरिए केस को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम उठाए जाएंगे।

