
उदित वाणी, जमशेदपुर: समाहरणालय सभागार में उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी की अध्यक्षता में जिला समन्वय समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर केंद्र एवं राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों को प्रभावी, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से लागू करने पर विशेष जोर दिया गया।
बैठक के दौरान उपायुक्त ने राज्य प्रायोजित, केंद्र प्रायोजित, डीएमएफटी, वित्त आयोग और सीएसआर मद से संचालित योजनाओं की विभागवार समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि आपसी संवादहीनता या समन्वय के अभाव में किसी भी योजना की प्रगति बाधित नहीं होनी चाहिए। जिन योजनाओं में एक से अधिक विभागों की भूमिका है, उनमें नियमित सूचना आदान-प्रदान और लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन पर विशेष बल दिया गया।
स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा
स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में बन रहे स्वास्थ्य केंद्रों के निर्माण, विद्युत संयोजन, रैम्प और अन्य बुनियादी सुविधाओं को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए गए। सिविल सर्जन को सभी उपयोगी और अनुपयोगी स्वास्थ्य भवनों की सूची कारण सहित 7 दिनों के भीतर प्रस्तुत करने को कहा गया। चाकुलिया के केरूकोचा-ढेगाम और बहरागोड़ा के बारागड़िया में निर्माणाधीन स्वास्थ्य केंद्रों को शीघ्र पूर्ण करने का निर्देश यांत्रिकी विभाग को दिया गया।
क्षेत्र भ्रमण और निगरानी
सभी प्रखंडों के वरीय पदाधिकारियों को प्रत्येक गुरुवार क्षेत्र भ्रमण कर पंचायत स्तर पर सरकारी संस्थानों का निरीक्षण करने और रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए।
शिक्षा और कल्याण योजनाओं पर जोर
कल्याण विभाग के तहत अनुसूचित जाति, जनजाति और अत्यंत पिछड़े वर्ग के लाभुकों को मुख्यमंत्री स्वास्थ्य सहायता योजना का लाभ दिलाने के लिए सूची तैयार कर भेजने को कहा गया। ई-कल्याण पोर्टल पर प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति के लिए सभी संस्थानों का सत्यापन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
जिला शिक्षा विभाग को छात्रावासों की स्थिति की समीक्षा करते हुए लखाईडीह में छात्रावास को तुरंत शुरू करने का निर्देश दिया गया। बिष्टूपुर स्थित जमशेदपुर हाईस्कूल में असामाजिक तत्वों द्वारा तोड़फोड़ के मामले में पुलिस कार्रवाई धीमी रहने पर उपायुक्त ने नाराजगी जताई और सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।
बच्चों और अनाथों के लिए विशेष निर्देश
अनाथ बच्चों की पहचान कर उन्हें स्कूलों में नामांकित करने और सरकारी योजनाओं से जोड़ने के निर्देश दिए गए। साथ ही ऐसे बच्चों की सुरक्षा और निगरानी सुनिश्चित करने को कहा गया, ताकि कोई उन्हें बहला-फुसलाकर बाहर न ले जा सके।
पेयजल, एलपीजी और आधारभूत संरचना
गर्मी के मौसम को देखते हुए पेयजल संकट से निपटने के लिए खराब चापाकल और जलमीनारों की सूची तैयार कर मरम्मत कराने के निर्देश दिए गए। घरेलू एलपीजी सिलेंडर की किल्लत पर नियमित निगरानी रखने को कहा गया। लगभग 250 आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और समय पर कार्य पूरा कराने के निर्देश अभियंताओं को दिए गए।
खनन और राजस्व
खनन विभाग को जब्त खनिजों की नीलामी प्रक्रिया पूरी कर राजस्व सरकारी खजाने में जमा कराने के निर्देश दिए गए।
अधिकारियों को सम्मान
बैठक के दौरान उत्कृष्ट कार्य के लिए दो अधिकारियों को सम्मानित किया गया। पोटका की अंचल अधिकारी निकिता बाला और मुसाबनी के अंचल अधिकारी पवन कुमार को नागरिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए प्रशस्ति पत्र दिया गया।
बैठक में उप विकास आयुक्त नागेंद्र पासवान, वन प्रमंडल पदाधिकारी शब्बा आलम, अनुमंडल पदाधिकारी अर्णव मिश्रा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, बीडीओ और सीओ उपस्थित रहे।
उपायुक्त ने अंत में कहा कि प्रशासन का उद्देश्य केवल लक्ष्य हासिल करना नहीं, बल्कि योजनाओं का वास्तविक लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है।

