
उदित वाणी, जमशेदपुर: पूर्वी सिंहभूम जिला मारवाड़ी सम्मेलन की सत्र 2026-27 की पहली कार्यकारिणी बैठक मंगलवार को तुलसी भवन में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष मुकेश मित्तल ने की, जबकि संचालन प्रदीप मिश्रा और धन्यवाद ज्ञापन आकाश साह ने किया। बैठक में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा कर अहम निर्णय लिए गए।
राजस्थान महोत्सव 2026 के आयोजन का निर्णय
बैठक में सर्वसम्मति से “राजस्थान महोत्सव 2026” आयोजित करने का निर्णय लिया गया। यह महोत्सव मई माह में प्रस्तावित है, जिसकी तैयारियां अभी से शुरू कर दी गई हैं। जिलाध्यक्ष मुकेश मित्तल ने बताया कि आयोजन को सफल बनाने के लिए जल्द ही अलग-अलग बैठकों का दौर शुरू किया जाएगा। जिला अध्यक्ष मुकेश मित्तल ने बताया कि महोत्सव के लिए सामरिक की तैयारी चल रही है और जल्द ही से अंतिम रूप दिया जाएगा।
प्रांतीय पदाधिकारियों की रही विशेष उपस्थिति
बैठक में प्रांतीय स्तर के पांच पदाधिकारी विशेष रूप से शामिल हुए। इनमें रांची से प्रांतीय महासचिव विनोद जैन, प्रांतीय उपाध्यक्ष सुभाष पटवारी, संयुक्त सचिव अनिल अग्रवाल एवं विमल अग्रवाल तथा जमशेदपुर से प्रांतीय उपाध्यक्ष नंदकिशोर अग्रवाल उपस्थित रहे।
जुगसलाई शाखा अध्यक्ष की नियुक्ति पर विवाद, तत्काल रद्द
बैठक में सबसे प्रमुख मुद्दा जुगसलाई शाखा अध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर उठा। शाखा के सदस्य रामजीलाल शर्मा, विश्वनाथ शर्मा, श्रवण देवका और दिलीप गोयल ने आरोप लगाया कि अध्यक्ष चयन को लेकर हुई बैठक की सूचना उन्हें नहीं दी गई। इसके बाद जुगसलाई शाखा अध्यक्ष की असंवैधानिक नियुक्ति को जिला कार्यसमिति ने ताली की गड़गड़ाहट से सर्वसम्मति से रद्द कर दिया।
एड-हॉक कमेटी का गठन, चुनाव तक संभालेगी जिम्मेदारी
जुगसलाई शाखा के संचालन के लिए दो सदस्यीय एड-हॉक कमेटी का गठन किया गया। इसमें रामजीलाल शर्मा और दिलीप गोयल को शामिल किया गया है। यह कमेटी नए चुनाव होने तक शाखा की जिम्मेदारी संभालेगी।
7 सदस्यीय पंचायत समिति गठन का प्रस्ताव
बैठक में समाज के अंदरूनी विवादों के समाधान के लिए 7 सदस्यीय पंचायत समिति गठित करने का प्रस्ताव भी रखा गया। जिलाध्यक्ष ने सभी सदस्यों से नामों के सुझाव मांगे हैं। यह समिति घरेलू विवाद, बंटवारा और तलाक जैसे मामलों का निपटारा करेगी।
पगड़ी व टीका शुल्क में वृद्धि का निर्णय
पगड़ी व टीका में गरुड़ पुराण के दौरान ली जाने वाली निर्धारित राशि को 10 से बढ़ाकर 20 रुपए करने का निर्णय लिया गया।
जन्म, विवाह व गृह प्रवेश में शुल्क तय
बैठक में जन्म, विवाह और गृह प्रवेश जैसे आयोजनों के दौरान “किन्नरों” द्वारा मनमानी राशि वसूली की शिकायतों पर भी चर्चा हुई। इस पर निर्णय लेते हुए 3100 रूपए की निश्चित राशि तय की गई। साथ ही यह भी तय किया गया कि इसकी लिखित सूचना जिला प्रशासन को दी जाएगी, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की परेशानी न हो।
अन्य कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी हुई चर्चा
बैठक में संगठन को मजबूत बनाने और सामाजिक गतिविधियों को प्रभावी ढंग से संचालित करने को लेकर भी विचार-विमर्श किया गया। सभी सदस्यों ने एकजुट होकर समाजहित में कार्य करने का संकल्प लिया।

